उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में आयोजित राष्ट्र कथा के दौरान एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब गोंडा से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह मंच पर फूट-फूटकर रो पड़े। यह घटना राष्ट्र कथा के दूसरे दिन नंदिनी निकेतन में हुई, जब सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने अपने संबोधन के दौरान बृजभूषण शरण सिंह के “दबदबे” का जिक्र किया।
राष्ट्र कथा में पूजा-अर्चना के बाद बच्चों और उपस्थित जनसमूह को राष्ट्र के प्रति संदेश देते हुए रितेश्वर महाराज ने कहा कि अवध क्षेत्र, उत्तर प्रदेश, भारत और विशेष रूप से गोंडा में जब यह कहा जाता है कि “दबदबा था, दबदबा है और दबदबा रहेगा”, तो इसका साक्षात उदाहरण मंच पर मौजूद है। उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह का दबदबा पहले भी था, आज भी है और आगे भी रहेगा। यह वाक्य सुनते ही बृजभूषण शरण सिंह भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और मंच पर ही रोने लगे। वे करीब एक घंटे तक भावुक अवस्था में नजर आए, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय से अपने राजनीतिक प्रभाव और दबदबे को लेकर चर्चा और विवादों में रहे हैं। यही वजह है कि “दबदबा” शब्द एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मंच पर उनकी आंखों से लगातार आंसू बहते देख वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
अपने संबोधन में सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्र कथा करने का अधिकार हर किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र कथा वही कर सकता है, जो राम और राष्ट्र के लिए पूर्ण रूप से समर्पित हो, जिसने अपनी जवानी, अपनी वाणी और अपना पूरा जीवन राष्ट्र के नाम न्योछावर कर दिया हो। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के 52 वर्ष कथा वाचन में लगाए हैं और आज तक कोई यह नहीं कह सकता कि उनसे पैसे लेकर कथा करवाई गई हो। सब कुछ भगवान की कृपा से चलता है और आगे भी ऐसे ही चलता रहेगा।
रितेश्वर महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति राम और राष्ट्र के लिए पूरी तरह समर्पित होता है, वही राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत कर सकता है। उन्होंने इसे सौभाग्य की बात बताया कि ऐसे लोगों के माध्यम से राष्ट्र कथा जैसे आयोजन हो रहे हैं।
राष्ट्र कथा के इस भावनात्मक क्षण ने न केवल कार्यक्रम में मौजूद लोगों को बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा है, जहां बृजभूषण शरण सिंह के भावुक होने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

