29 C
Mumbai
Sunday, November 27, 2022

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

*करवा चौथ: महंगाई की मार कैसे सजे सजनी सजना के लिए*

त्योहार कोई भी हो उसे बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसके लिए काफी पहले से ही तैयारियों का सिलसिला शुरू हो जाता है। इसी प्रकार का माहौल आठ अक्टूबर को पडने वाले करवाचौथ को लेकर भी है। इससे जुड़ी सामग्री वाली दुकानें बाजारों में सज गई हैं। इस बार इन पर महंगाई की थोड़ी मार पड़ रही है। इनके भाव में पिछली बार की अपेक्षा 15 फीसद वृद्धि देखी जा रही है।

शहर में काफी दुकानें सजी हुई हैं। इस बार बाजार में प्रति चीनी करवा की कीमत 40 व 50 रुपये है। पिछली बार साइज के हिसाब से इनकी कीमत 20, 30 व 40 रुपये थी। मगर इस बार यह सिर्फ  एक साइज में ही उपलब्ध है। बाजार के व्यापारी का कहना है कि चीनी के रेट में पिछली बार की अपेक्षा उछाल आया है, इसी कारण चीनी करवा पर महंगाई का रंग दिखाई दे रहा है। कारोबारियों का कहना है कि इस बार करवाचौथ को लेकर महिलाओं में काफी अधिक उत्साह देखा जा रहा है।
बाजारों में मिल रहे मिट्टी के करवे की कीमत में भी वृद्ध हुई है। यह 20 रुपये से लेकर 50 रुपये प्रति करवा तक बेचा जा रहा है। 20 वाला मिट्टी करवा सिंपल है और 50 वाला डिजाइनर है। पूजन के लिए सीक की कीमत 10 से 15 रुपये है जिसमें पांच रुपये का इजाफा है। वहीं चांद के दीदार के लिए जो चलनी पहले 25 से 30 रुपये में मिलती थी अब वह 40 रुपये की बिक रही है। इसके अलावा चीनी मिठाई व खील के कीमत में भी थोड़ी तेजी है। चूडियों से लेकर कॉस्मेटिक तक के दामों में इजाफा हुआ है। हर सामान में एक रुपये से लेकर आठ रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे। वहीं, सोने के दाम बढने से सुनारों की दुकानों में भी ग्राहक कम ही खरीददारी करने आ रहे हैं। महंगाई बढने से महिलाओं के व्रत का सारा बजट बिगड़ता जा रहा है। इस बार चूडियों के दाम में पांच रुपये की वृद्धि हुई है। गृहणियों की मानें तो इस बार महंगाई के बढने से उन्हें करवाचौथ के लिए सामान खरीदने पर ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। करवाचौथ पर निभाई जाने वाली तमाम रस्मों के चलते व्रत के लिए सामान खरीदना जरूरी है। दुर्गा कालोनी निवासी नीलम ने बताया कि महंगाई बढने के कारण उन्हें सामान खरीदने पर 50 से 60 रुपये अतिरिक्त अदा करने पड़ रहे हैं। महंगाई की मार करवाचौथ के सामान पर भी पड़ी है। हर सामान के मूल्य में इजाफा हुआ है। पूनम देवी ने बताया कि करवाचौथ के व्रत के लिए सामान लेना जरूरी है।
महंगाई बढ़ी है मगर व्रत के लिए सामान खरीदना जरूरी है। महंगाई के कारण उन्हें सामान खरीददारी पर अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ा है। शालिनी ने बताया कि करवाचौथ में खरीदे जाने वाले सामान में एक रुपये से आठ रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। महंगाई घटने की बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। सरोज ने बताया कि चूडियों के दाम 10 रुपये से बढ़कर 15 रुपये हो गए हैं। इसके अलावा अन्य सामान में भी एक रुपये से तीन रुपये तक बढ़ोत्तरी हुई है।
हिंदू सनातन पद्धति में करवा चौथ सुहागिनों का महत्वपूर्ण त्योहार माना गया है। इस पर्व पर महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाकर, चूड़ी पहन व सोलह श्रृंगार कर अपने पति की पूजा कर व्रत का परायण करती हैं। सुहागिन या पतिव्रता स्त्रियों के लिए करवा चौथ बहुत ही महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत कार्तिक कृष्ण की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को किया जाता है। यदि दो दिन की चंद्रोदय व्यापिनी हो या दोनों ही दिन, न हो तो श्मातृविद्धा प्रशस्यते्य के अनुसार पूर्वविद्धा लेना चाहिए। स्त्रियां इस व्रत को पति की दीर्घायु के लिए रखती हैं। यह व्रत अलग अलग क्षेत्रों में वहां की प्रचलित मान्यताओं के अनुरूप रखा जाता है, लेकिन इन मान्यताओं में थोड़ा बहुत अंतर होता है। सार तो सभी का एक होता है पति की दीर्घायु।

– (सविता उपाध्याय)

Latest news

ना ही पक्ष ना ही विपक्ष, जनता के सवाल सबके समक्ष

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here