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Wednesday, December 7, 2022

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मानवता हुई शर्मसार, पेट की आग बुझाने के खातिर, 13 लोगों के साथ होना पड़ा हम बिस्तर। —— रवि निगम

एक और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना प्रकाश में आई, राशन कार्ड और विधवा पेन्सन जैसी सरकारिया मद्‌द पाने के लिये ऐसे ही होता है शोषण ? देश भर में लगभग हर जगह ऐसे ही अवलाओं की इज्जत तार – तार करते हैं समाजसेवी भेडिये ?

यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के भटहट ब्लाक में एक विधवा महिला को मुट्ठी भर अनाज के लिए रिश्‍वत के तौर पर 13 लोगों के साथ हम बिस्तर होना पड़ा। जिसका परिणाम वो सभी 13 लोग एड्स के शिकार हो गए हैं। विधवा पेंशन और राशन कार्ड बनाने के नाम पर महिला के साथ शोषण का खेल 3 साल तक चला। खुलासा तब हुआ जब महिला की तबीयत खराब हुई और उसने अपना ब्‍लड चेक करवाया जो HIV संक्रमित निकला बताते चले की करीब छह साल पहले 24 बरस की दुल्हन ब्याह कर इस गांव आई थी। पति मुंबई में किसी कारखाने में काम करता था। शादी के तीन साल बाद ही किसी बीमारी से उसकी मौत हो गई। पति की मृत्यु के बाद महिला ने राशन कार्ड और विधवा पेंशन के लिए एक जानकार से मदद मांगी। वो शख्स रोजगार सेवक था। रोजगार सेवक महिला को प्रधान के पास ले गया। प्रधान ने उसे सेक्रेटरी से मिलवाया। इन तीनों के अलावा कई बिचौलिये भी मिले उसको। सबने मदद देने का वादा किया। कहा, यदि .काम करवाना है, तो हमारे साथ हम बिस्तर होना होगा। शायद उस औरत के पास ये ही एक चारा बचा हो !  इसी दौरान जब महिला तीन महीने पहले बीमार हुई तो उसे ग्राम प्रधान ने एक डॉक्टर के पास भेजा। डॉक्टर की सलाह पर जब महिला ने खून की जांच करवाई तो पता चला कि वो HIV संक्रमित है। इसके बाद जब महिला ने दोबारा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ब्लड टेस्ट कराया तो वहां भी एचआईवीपॉजिटिव रिपोर्ट आई। महिला की रिपोर्ट देखते ही शारीरिक शोषण करने वालों में हड़कंप मच गया। जब इन 13 लोगों ने डॉक्टर की सलाह पर अपनी जांच कराई तो पता चला कि ये सभी HIV पॉजीटिव हैं। जानकरी के मुताबिक, महिला के HIV संक्रमित होने के बाद जब एआरटी सेंटर के कर्मियों ने उसकी काउंसिलिंग की तब महिला ने अपनी पूरी कहानी सुनाई कि किस तरह राशन कार्ड और विधवा पेंशन का झांसा देकर 13 लोगों ने उसकी इज्जत लूटी। यह घटना गांव में पनप रहे भ्रष्टाचार को तो दर्शाती है साथ ही इस बात का भी उदाहरण है कि आज के समय में मानवता तो जैसे कहीं खो गई है। अगर ये बीमारी बीच में न आई होती, तो शायद इस मामले का खुलासा भी नहीं होता। कोई कभी नहीं जान पाता कि एक अकेली औरत को राशन कार्ड और विधवा पेंशन जैसी जरूरी सरकारी मदद पाने के लिए कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। हर महीने मिलने वाले कुछ किलो अनाज के लिए 13 लोगों के साथ सोना पड़ता है।

सौ. परिधि समाचार

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