30 C
Mumbai
Wednesday, October 5, 2022

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

कुवैत में भारतीय नागरिकों को निकालने का क़ानून पारित, लाखों होंगे बेरोजगार, सऊदी अरब भी भारी कटौती की तैयारी में

कुवैत की संसद ने सर्वसम्मति से देश में प्रवासी आबादी को कम करने का क़ानून पारित कर दिया है, जिसके तहत सरकार को लाखों विदेशी नागरिकों को देश से निकालने के लिए एक साल का समय दिया गया है।

कुवैत की कुल आबादी 48 लाख है, जिसमें प्रवासियों की संख्या लगभग 34 लाख है।

इस क़ानून के पारित होने के बाद, सरकार अगले 12 महीनों के भीतर, देश की मूल आबादी के अनुपात में विदेशियों की संख्या में कटौती करने के लिए प्रतिबद्ध होगी।

कुवैत के प्रधान मंत्री शेख़ सबा अल-ख़ालिद अल-सबाह ने जून में कहा था कि प्रवासियों की संख्या देश की आबादी की 30 फ़ीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए। क्योंकि कोरोनावायरस महामारी और तेल की क़ीमतों में गिरावट ने फ़ार्स खाड़ी के तेल से समृद्ध छोटे से देश की अर्थव्यवस्था को काफ़ी प्रभावित किया है।

प्रसावी कर्मचारियों की संख्या में कटौती से कुवैती नागरिकों को नौकरियों का अधिक अवसर प्राप्त होगा।

जुलाई में कुवैत की राष्ट्रीय असेम्बली ने एक क़ानून पास किया था कि भारतीयों की संख्या, आबादी के अनुपात में 15 फ़ीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस क़ानून को नवम्बर में होने वाले संसदीय चुनाव से पहले लागू करने की बात कही गई थी।

इसी तरह, मिस्र, फ़िलिपिंस और श्रीलंका के कर्मचारियों की संख्या 10 फ़ीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए, तो वहीं बांग्लादेश, नेपाल और वियतमान के कर्मचारियों की संख्या 5 फ़ीसद से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए।

क़ानून में किसी भी कंपनी द्वारा प्रत्येक वर्ष विशेषज्ञता के आधार पर कर्मचारियों की भर्ती को भी सीमित कर दिया गया है।  

क़रीब 14 लाख 50 हज़ार भारतीय कुवैत में काम करते हैं, जो कुल आबादी का क़रीब 30 फ़ीसद है। नया क़ानून लागू होते ही 8 लाख से अधिक लोगों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सकता है।

कोरोनावायरस महामारी और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमतों में भारी कटौती के कारण फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों की अर्थव्यवस्था भारी संकट में है, जिसके बाद इन देशों ने बड़ी संख्या में प्रवासी कर्मचारियों को निकालने का फ़ैसला किया है। इसमें सऊदी अरब भी शामिल है, जहां 2020 में क़रीब 12 लाख विदेशी कामगारों को निकाला जा सकता है।

(साभार पी.टी)

Latest news

ना ही पक्ष ना ही विपक्ष, जनता के सवाल सबके समक्ष

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here