कोल्ड स्टोरेज में निकासी के बाद आलू देखते किसान।

कोल्ड स्टोरेज में निकासी के बाद आलू देखते किसान। 

कन्नौज (यूपी) आलू के दाम कम करने के लिए शासन ने 31 अक्तूबर तक प्रदेश के सभी कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू को निकाल कर ताला बंद करने का आदेश दिया है। जिले के 135 कोल्ड स्टोरेज में अभी भी करीब 45 हजार मीट्रिक टन आलू डंप है। ऐसे में एक दिन में सभी कोल्ड स्टोरेज से निकासी संभव नहीं लग रही है।जिले में आलू की तगड़ी पैदावार होती है। हर साल करीब 1.20 लाख किसान 48 हजार 500 सौ हेक्टेयर में आलू की फसल करते हैं। पिछले साल जिले में 12 लाख मीट्रिक टन आलू की पैदावार हुई थी। नौ लाख 37 हजार 437 सौ मीट्रिक टन आलू कोल्ड स्टोरेज में भंडारित किया गया था। मौजूदा समय फुटकर में 40 से 45 रुपये प्रति किलो आलू बिक रहा है। आसमान पहुंचे आलू के दामों को कम करने के लिए शासन ने इस बार एक माह पहले 31 अक्तूबर तक निकासी कर चैंबरों में ताला लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे कि प्रदेश में आलू की जमाखोरी न हो सके।
जिले के 135 कोल्ड स्टोरेज में अभी भी करीब 45 हजार मीट्रिक टन आलू डंप है। कोल्ड मालिक और किसानों के लिए आलू निकासी में शनिवार का दिन बचा है। जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी का कहना है कि जिले में अभी पांच-छह फीसदी आलू कोल्ड स्टोरों में डंप है। सभी कोल्ड मालिकों को शासन की मंशा बताकर निकासी करने के निर्देश दे दिए गए हैं। 
किसानों को नोटिस भेजने का है प्रावधान
अगर कोई किसान कोल्ड से आलू निकासी करने नहीं पहुंच रहा तो कोल्ड मालिक की ओर से नोटिस भेजने का प्रावधान है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि किसानों को नोटिस भेजकर सात दिन के अंदर आलू निकासी करने के लिए बुलाया जाएगा। निकासी न करने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर आलू की नीलामी कर किसान के घर रुपये भेज दिए जाएंगे। 
कुछ दिन तक मोहलत मिलने की उम्मीद
कोल्ड स्टोर मालिक पुनीत दुबे का कहना है कि किसान से नवंबर तक अनुबंध है। ऐसे में अक्तूबर में ही कोल्ड खाली करा लेने की बात गलत है। कोल्ड स्टोर एसोसिएशन के प्रदेश पदाधिकारियों ने शासन से बात की है। हर साल 30 नवंबर आलू निकासी की अंतिम तारीख रहती थी। कोल्ड मालिकों और किसानों का आलू रखने का अनुबंध भी 30 नवंबर तक होता है। इस बार एक माह पहलेे आलू निकासी के फरमान से किसान से लेकर कोल्ड मालिक परेशान हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह से मुलाकात कर आलू निकासी की तिथि बढ़ाने की मांग की गई है। उम्मीद है कि कुछ दिन की मोहलत मिल जाएगी।