-रवि जी. निगम

क्या संन्यास का ऐलान कर नितिश कुमार ने खुद ही राजनीतिक खुदखुशी करने का ऐलान नहीं कर लिया ?

पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. गुरुवार को पूर्णिया में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा, “जान लीजिए आज चुनाव का आखिरी दिन है. और परसों चुनाव है. यह मेरा अंतिम चुनाव है. अंत भला तो सब भला.” नीतीश के इस ऐलान के बाद जहां भाजपा ने उनका समर्थन किया है. वहीं कांग्रेस, आरजेडी और चिराग पासवान ने उनपर हमला बोला है.

भाजपा ने किया स्वागत
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “नीतीश जी ने दिल की बात की है, राजनीति में भी एक शुचिता होनी चाहिए. जैसे BJP ने तय किया है कि 75 वर्ष की उम्र से अधिक चुनाव नहीं लड़ेंगे. नीतीश कुमार अभी 71 वर्ष के हैं. वैसे अभी कई लोग जेल में बैठकर भी टिकट बांट रहे हैं और वो 76 वर्ष पार कर चुके हैं.”

नितीश ने मानी हार
मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद कांग्रेस ने कहा कि तीसरे चरण के मतदान से पहले ही हार मान ली है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “नीतीश जी ने चुनाव के तीसरे चरण में वोट डालने से पहले ही इस चुनाव को अपना आखिरी चुनाव बोलकर NDA की हार स्वीकार कर ली है. उन्होंने अब रिटायरमेंट की घोषणा भी कर दी है वो बिहार को कभी हरा नहीं पाएंगे. बिहार महागठबंधन के साथ फिर जीतेगा.”

थक चुके हैं नितीश: तेजस्वी
आरजेडी नेता और महागाठबंधन के मुख्यमंत्री के प्रत्याशी तेजस्वी यादव ने कहा, “मैं जो बात पहले से कहता रहा हूं कि नीतीश कुमार जी थक चुके हैं, उनसे बिहार संभल नहीं रहा है. वो जमीनी हकीकत को पहचान नहीं पाए और जब उन्हें अहसास हुआ तो उन्होंने संन्यास लेने की घोषणा कर दी.”