प्रतीकात्मक (फाइल) चित्र

शारीरिक अक्षमता और बढ़ती उम्र के कारण पुलिस सेवा के लिए अनफिट पाए गए तीन दरोगा समेत 11 पुलिस कर्मियों को मंगलवार को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि शासन ने 31 मार्च 2020 तक 50 साल या उससे अधिक की आयु पूरी कर को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का शासनादेश जारी हुआ था। जिसमें उम्र के साथ ही शारीरिक दक्षता और आचरण को भी आधार बनाया गया था। जिलेवार कमेटी गठित कर पुलिस कर्मियों को चिह्नित किया गया।

लखनऊ कमिश्नरेट में 100 पुलिस कर्मियों की सूची तैयार की गई थी। जिसमें इंस्पेक्टर, दरोगा, हेड कांस्टेबल, सिपाही और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक शामिल थे। स्क्रीनिंग कमेटी ने पुलिस कर्मियों के सर्विस रिकार्ड से लेकर शारीरिक दक्षता तक की जांच करने के बाद 11 पुलिस कर्मियों को छांटा था। जिनमें तीन दरोगा, सात सिपाही और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी अनफिट पाए गए। जिन्हें मंगलवार को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किया गया है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शारीरिक रूप से अक्षम पुलिस कर्मी कर्तव्यों का निर्वाहन ठीक ढंग से नहीं कर पाते। जिससे कार्य में बाधा आती है। वहीं, गलत आचरण में लिप्त कर्मचारियों के कारण पुलिस विभाग की छवि धूमिल होती है।