-रवि जी. निगम

नई दिल्ली : अब किसानों के समर्थन में उतरे ट्रांसपोर्टरों ने किसान आंदोलन और घार देदी जिससे सरकार की और भी मुसीबत बढ गयी, आगामी 8 दिसंबर से ट्रांसपोर्टरों ने देशव्यापी हड़ताल पर जाने का आह्वान किया है। वहीं ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने कहा है कि यदि सरकार किसानों की मांगों को नहीं मानती, तो दिल्ली – एनसीआर समेत पूरे देश में सामानों की आवाजाही और उसकी सप्लाई को अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस रोक देगी।

एआईएटीसी (ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस) ट्रांसपोर्टर्स की देश की शीर्षस्थ संस्था है, जो लगभग पूरे देश में 95 लाख ट्रक ड्राइवरों आदि और अन्य संस्थाओं का भी प्रतिनिधित्व करती है। किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने कहा है कि किसान हमारा अन्नदाता ही नहीं वह भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी के समान है। ऐसे में उसकी मांगों की अनदेखी करना उचित नहीं है। हमारे देश में ग्रामीण इलाके के लगभग 70 प्रतिशत परिवार किसानी और खेती के कार्य से जुड़े हैं। अतः किसान हमारे देश के अन्नदाता हैं और इनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाना जरूरी ही है।

एआईएटीसी के अध्यक्ष कुलतारन सिंह अटवाल ने कहा कि हम 8 दिसंबर से उत्तर भारत में अपने सारे काम बंद कर देंगे और इतना ही नहीं सभी वाहनों को उत्तर भारतीय राज्यों के अलावा केंद्र शासित प्रदेशों यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और जम्मू आदि में भी रोक देंगे। हमने फैसला किया है कि अगर प्रदर्शनकारी किसानों की मांगें सरकार ने अब भी नहीं मानीं तो हम पूरे भारत में ‘चक्का जाम’ का आह्वान करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से आने वाले हजारों ट्रक प्रभावित हुए हैं। हम उनका समर्थन करते हैं, क्योंकि कृषि से जुड़ी हुई चीजों को लाने में 65 फीसदी ट्रक लगे हुए हैं।

विदित हो कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किये गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शन विशेषकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कर रहे हैं। हजारों किसान दिल्ली से लगी हुई सीमाओं के प्रवेश मार्गों पर बुधवार को सातवें दिन भी लगातार डटे हुए हैं।