मुम्बई – राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘दिशा कानून’ अधिवेशन में पारित किया गया है। राज्य में दिशा कानून पारित होने के कारण महिलाओं के लिए एक बड़ी सुरक्षा की ढाल बन गया है। इसके अनुसार,आजीवन कारावास को अब मौत की सजा में बदल दिया गया है। इस कानून को ‘दिशा कानून शक्ति बील’ का नाम दिया जाएगा। इस कानून के तहत अब आरोपियों को फास्ट ट्रैक पर सजा दी जाएगी। साथ ही, इसमें आरोपी को 21 दिनों में फांसी देने का प्रावधान है।

क्या है दिशा कानून
इस नए कानून के तहत, बलात्कार के दोषी को 21 दिनों के भीतर मौत की सजा देने का प्रावधान है। वर्तमान कानून के तहत मुकदमा चलाने के लिए चार महीने की अवधि होती है। लेकिन दिशा कानून के तहत, यह प्रक्रिया केवल 21 दिनों में पूरी की जाएगी। इन मामलों के लिए 13 जिलों में विशेष अदालतें स्थापित की जाने वाली है। और इन अदालतों में बलात्कार, यौन उत्पीड़न और महिलाओं/लड़कियों के खिलाफ अत्याचार के मामलों की सुनवाई की जायेगी।