फतुआपुर गांव में संभावित टीबी के मरीजों की सूची तैयार करतीं आशा संगिनी।

फतुआपुर गांव में संभावित टीबी के मरीजों की सूची तैयार करतीं आशा संगिनी। – फोटो :MA

कन्नौज (यूपी) राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी रोग से निजात दिलाने के लिए दूसरे चरण का अभियान दो से 12 जनवरी तक चलेगा। अभियान के दौरान कोरोना की भी जांच होगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जेजे राम ने बताया कि शहरी और ग्रामीण मलिन बस्तियों में टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच कर क्षय रोगियों को चिह्नित करेंगी। स्क्रीनिंग और बलगम की जांच की जाएगी। एचआईवी व डायबिटीज से पीड़ित मरीजों की विशेष रूप से जांच होगी। तीसरे चरण में 13 से 25 जनवरी तक जनपद के निजी अस्पतालों में क्षय रोग की टीमें चिकित्सकों से संपर्क कर क्षय रोगियों के बारे में डाटा लेंगी। मरीज का पंजीकरण निक्षय पोर्टल पर करते हुए इलाज शुरू किया जाएगा। रोगियों की कोविड जांच भी होगी।
जिला कार्यक्रम समन्वयक रंजीत सिंह ने बताया कि अभियान का मकसद अधिक से अधिक लोगों तक क्षय रोग की उपलब्ध सुविधाओं को पहुंचाना है। अगर किसी व्यक्ति को दो हफ्तों से ज्यादा की खांसी, खांसते समय खून आना, सीने में दर्द, बुखार, वजन कम होने की शिकायत हो तो तत्काल बलगम की जांच कराएं। जनपद में क्षय रोगियों की जांच एवं उपचार पूर्णतया निशुल्क है। 
मुफ्त में कराएं जांच व इलाज 
सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि टीबी रोग से निजात पाने के लिए जरूरी है कि लगातार तीन दिन तक कफ की जांच करवाई जाए। इस रोग की जांच व इलाज मुफ्त किया जाता है। क्षय रोगी को कम से कम छह महीने तक दवा लगातार खानी है। रोग से निजात न मिले तो कभी-कभी दवा को एक साल तक खाना पड़ता है। डॉक्टर की सलाह पर ही दवा खाना बंद किया जाए।