कन्नौज (यूपी) सरायमीरा देविन टोला में तालाब का पानी निकालने पर नगर पालिका हर वर्ष लगभग चार लाख रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं कर सकी। नियमित रूप से पंप सेट लगाकर पानी निकाला जाता है। ऐसा न करने पर गंदा पानी लोगों के घर तक पहुंच जाता है और खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। इलाकाई लोगों का कहना है कि 10 साल से नगर पालिका पंपसेट लगाकर पानी निकलवा रही है। इस पर खर्च होने वाली धनराशि से नाला निर्माण कराकर इसका स्थायी समाधान निकाला जा सकता था।
सरायमीरा देविन टोला का तालाब यहां रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। तालाब के पानी की नियमित निकासी न हो तो पानी घरों तक पहुंचने लगता है। लोगों ने विरोध जताया तो नगरपालिका ने नाली निर्माण के बजाए पंपसेट लगाकर पानी निकालना शुरू कर दिया।
पंपसेट चलाने के लिए एक कर्मचारी की तैनाती के साथ ही 10 लीटर डीजल प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाता है। पंपसेट पूरे दिन चलती रहती है। पंपसेट जितना पानी निकालती है, उससे अधिक पानी घरों से तालाब में आ जाता है। इससे हर समय तालाब भरा रहता है। तालाब के पानी को निकालने के लिए तैनात कर्मचारी को प्रतिमाह छह हजार रुपये से अधिक नगरपालिका की ओर से भुगतान किया जाता है। इस तरह देखा जाए तो नगरपालिका इस तालाब के पानी को निकालने के लिए प्रति वर्ष 3,72000 रुपये खर्च कर रही है। 
बीते 10 वर्ष से इस तालाब के पानी को इसी तरह निकाला जा रहा है। एक अनुमानित खर्च को देखा जाए तो अब तक 37 लाख 20 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। इस धनराशि में तालाब का पानी निकालने के लिए नाले का निर्माण कराया जा सकता था पर ऐसा हो नहीं सका।