लखनऊ के आरएमएल अस्पताल का सीएम योगी ने किया निरीक्षण

लखनऊ (यूपी) मकर संक्रांति से कोरोना वैक्सिनेशन की शुरुआत करने की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। पूरी प्रक्रिया में किसी तरह की कोई अड़चन न आए, इसी को लेकर मंगलवार को पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा ड्राई रन किया गया। ताकि खामियों को दुरुस्त किया जा सके। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पर नजर बनाए हुए थे। मंगलवार को सीएम लखनऊ के लोहिया संस्थान में वैक्सीन का ट्रायल देखने पहुंचे। सीएम ने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार से निर्धारित क्रम के अनुसार ही वैक्सीन लगाई जाएं। सबसे पहले 9 लाख हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाई जाए, इसके बाद आवश्यक सेवाओं के लोगों को और फिर 50 साल से ऊपर की उम्र के लोगों को वैक्सीन लगेगी।

इस दौरान प्रदेश के सभी 75 जिलों में 6-6 स्थानों पर वैक्सीनेशन के लिए ड्राई रन आयोजित किए गये। इन 6 स्थानों में से 3 ग्रामीण क्षेत्र थे, जबकि शेष 3 शहरी क्षेत्रों में आयोजित किए गये। ड्राई रन के दौरान किसी को भी कोई वैक्सीन नहीं लगाई गयी बल्कि केवल वैक्सीन लगाने का मॉक ड्रिल किया गया। इस मॉक ड्रिल में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ-साथ जिला व पुलिस प्रशासन की टीमें व इस आयोजन के लिए चिन्हित सम्बन्धित जिले की सेंटरों की टीमें शामिल रहीं।

पांच चरणों में हुआ ड्राई रन

सभी जिलों में ड्राई रन मुख्य रूप से पांच चरणों में हुआ। पहले चरण में वैक्सीन लगवाने वाले का आइडेंटिफिकेशन किया गया। उसके बाद उसके लिए वैक्सिन की वायल लगाने वाले स्वास्थ्यकर्मी को दी गई, फिर वैक्सीन लगवाने वाले की आईडी लॉग इन की गई और उसके बाद उन्हें वैक्सीन लगाई गई। वैक्सीनेशन के बाद वैक्सीन लगवाने वाले को एक वैक्सीनेशन कार्ड दिया गया। इस कार्ड में जिस दिन वैक्सीनेशन हुआ, उस दिन का विवरण और अगले 28वें दिन लगने वाली दूसरी डोज़ की तारीख अंकित की गई। वैक्सीनेशन के बाद प्रत्येक व्यक्ति को 30 मिनट तक ऑब्जरवेशन में रखा गया।

लोहिया पहुंचे सीएम योगी

इस बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के लोहिया संस्थान में वैक्सीन का ट्रायल देखने के लिए पहुंचे, तो प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ड्राई रन का जायजा लेने बाराबंकी पहुंचे। सीएम योगी ने अफसरों से बात की और निर्देश दिया कि कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराने में पूरी पारदर्शिता रखें। आम और खास में भेदभाव नहीं होना चाहिए। वहीं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत पहली बार देश ने अपनी खुद की वैक्सीन डेवलप की है। जिसकी मान्यता पूरे विश्व में है। तो इसपर राजनीति नहीं की जानी चाहिये, न ही इसे लेकर कोई अफवाह फैलानी चाहिये।

वाराणसी में साइकिल से लेकर पहुंचे कोरोना वैक्सीन

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए ड्राई रन की तैयारियों की पोल उस समय खुली जब कर्मचारी वैक्सीन को साइकिल से लेकर अस्पताल पहुंचे। हालांकि वहां पुलिस की तैनाती जरूर की गई थी, लेकिन वैक्सीन को अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी तैयारी नहीं की गई। वाराणसी के चौकाघाट कोरोना वैक्सीन केंद्र से वैक्सीन महिला अस्पताल साइकिल से पहुंचाई गई। वहीं महिला अस्पताल में जब वैक्सीन पहुंची तो वहां भी तैयारी नहीं थी। इस बारे में पूछने पर वाराणसी के सीएमओ डॉ. वीबी सिंह का कहना है पांच केंद्रों पर वैन से वैक्सीन गई है। केवल महिला अस्पताल में साइकिल से वैक्सीन कैरियर लेकर आया है। वहीं दूसरी तरफ कई केंद्रों पर वॉलंटियर्स भी नजर नहीं आए।

यूपी में 24 घंटे में 714 नए केस

कोरोना संक्रमण की बात करें तो पिछले 24 घंटे में यूपी में संक्रमण के 714 नये मामले सामने आए। राज्‍य में अब संक्रमितों की कुल संख्‍या 5,88,882 हो गई है। अपर मुख्‍य सचिव स्‍वास्‍थ्‍य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 714 नये मामले सामने आये हैं। जबकि इसी अवधि में 1,054 लोग संक्रमणमुक्त हुए हैं। उन्‍होंने बताया कि अब तक 5,67, 964 लोग स्‍वस्‍थ होकर अपने घर जा चुके हैं। अपर मुख्‍य सचिव के अनुसार, राज्‍य में इस समय 12,505 मरीज उपचाराधीन हैं, जिनमें 5,012 गृह पृथक-वास में हैं और 1,339 निजी अस्‍पतालों में अपना उपचार करा रहे हैं। जबकि बाकी का सरकारी अस्‍पतालों में इलाज चल रहा है। पिछले 24 घंटे में लखनऊ में सर्वाधिक 162 नये संक्रमित मिले। जबकि वाराणसी में 44, प्रयागराज में 38 और गोरखपुर में 37 नये संक्रमित पाये गये। इसी अवधि में लखनऊ और वाराणसी में दो-दो मरीजों की मौत हुई है।