लखनऊ (यूपी) योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में जल्द ही बड़े फेरबदल की संभावना है। मंत्रिमंडल में अभी मंत्रियों की संख्या 54 है, जबकि इनकी अधिकतम संख्या 60 तक हो सकती है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मंत्रिमंडल से कई ‘कमजोर’ मंत्रियों को विदाई हो सकती है वहीं, जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों के देखते हुए कुछ नये विधायकों को मंत्री बनाने की भी अटकलें जोरों पर हैं। चर्चा है कि वीआरएस लेकर आए गुजरात कैडर के आइएएस अधिकारी अरविंद कुमार शर्मा को भी कैबिनेट में शामिल किया जाएगा, जिन्हें एमएलसी उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 22 से 24 जनवरी तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा लखनऊ में रहेंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन कर वह योगी कैबिनेट में विस्तार की औपचारिकताएं तय करेंगे।

उत्तर प्रदेश में लंबे समय से योगी कैबिनेट के विस्तार की अटकलें चलती रही हैं, लेकिन कोरोना महामारी के चलते मंत्रिमंडल विस्तार नहीं किया जा सका। अब जब स्थिति नॉर्मल हो रही है और विधानसभा चुनावों ज्यादा वक्त नहीं बचा है, मुख्यमंत्री की मंशा मंत्रिमंडल को ‘मजबूत’ करने की है। क्योंकि, बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व कई मंत्रियों के कामकाज से संतुष्ट नहीं है। विभाग के अधिकारी भी उनकी बात नहीं सुनते। वहीं, कई नये चेहरे भी ताजपोशी के लिए कतार में हैं। ऐसे में जेपी नड्डा प्रदेश के बड़े नेताओं संग मिलकर कैबिनेट में फेरबदल पर चर्चा करेंगे। संभावना है कि फरवरी के पहले सप्ताह में योगी कैबिनेट का विस्तार हो सकता है।