दीप सिद्धू को पकडने में रखा 1 लाख का ईनाम

नई दिल्ली: ‘दीप सिद्धू’ धार्मिक झंडा फैराने वाला, गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान कुछ उग्र किसानों ने खूब हंगामा किया यहाँ तक कि लाल किले की प्राचीर पर एक धार्मिक झण्डा भी फहरा दिया। इस सारे घटनाक्रम में दीप सिद्धू नाम के एक सेलिब्रिटी का नाम सामने आ रहा है जिसने झण्डा फहराया| किसानों का एक बड़ा धड़ा इन हिंसक घटनाओं का विरोध कर रहा है। किसान नेताओं ने दीप सिद्धू पर किसानों को भड़काने और हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है। हालांकि दीप सिद्धू ने फेसबुक पर आकर कहा है ‘हमने प्रदर्शन के अपने लोकतांत्रिक अधिकार के तहत निशान साहिब का झंडा लाल किले पर फहराया मगर भारतीय झंडे को नहीं हटाया गया।’

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मोदी के साथ तस्वीरें
दीप सिद्धू की सोशल मीडिया पर कई ऐसी तस्वीरें सामने आयी है जिनमें प्रधानमंत्री मोदी के अलावा धर्मेंद्र, हेमामालिनी और सनी देओल के साथ नज़र आ रहे हैं, ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम को राजनितिक चश्मे से देखा जाने लगा है| संयुक्त किसान मोर्चा कल की घटना को एक साज़िश बता रहा है जबकि परेड में शामिल किसानों ने केंद्र सरकार के इशारे पर इसे दिल्ली पुलिस की चाल बता है।

दीप सिद्धू ने किया बचाव

गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लालकिले पर प्रदर्शनकारियों द्वारा एक धार्मिक झंडा फहराये जाने को लेकर व्यापक आक्रोश के बीच घटना के दौरान मौजूद व्यक्तियों में शामिल अभिनेता दीप सिद्धू ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों के कृत्य का यह कहते हुए बचाव किया कि उन लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया। सिद्धू ने फेसबुक पर पोस्ट किये गए एक वीडियो में कहा कि उन्हें कोई साम्प्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए जैसा कट्टरपंथियों द्वारा किया जा रहा है।

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क्या कहा सिद्धू ने
सिद्धू ने कहा, ‘‘नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए, हमने ‘निशान साहिब’ और किसान झंडा लगाया और साथ ही किसान मजदूर एकता का नारा भी लगाया।’’ उन्होंने ‘निशान साहिब’ की ओर इशारा करते हुए कहा कि झंडा देश की ‘‘विविधता में एकता’’ का प्रतिनिधित्व करता है। ‘निशान साहिब’ सिख धर्म का एक प्रतीक है जो सभी गुरुद्वारा परिसरों पर लगा देखा जाता है।

उन्होंने कहा कि लालकिले पर ध्वज-स्तंभ से राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया गया और किसी ने भी देश की एकता और अखंडता पर सवाल नहीं उठाया। सिद्धू ने कहा कि जब लोगों के वास्तविक अधिकारों को नजरअंदाज किया जाता है तो इस तरह के एक जन आंदोलन में ‘‘गुस्सा भड़क उठता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज की स्थिति में, वह गुस्सा भड़क गया।’’ कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे नेताओं में से एक स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि उन्होंने सिद्धू को शुरू से ही अपने प्रदर्शन से दूर कर दिया था।

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सेलेब्रिटी हैं दीप सिद्धू
दीप सिद्धू का जन्म 1984 में पंजाब के मुक्तसर जिले में हुआ, फिर उन्होंने आगे कानून की पढ़ाई की। किंगफिशर मॉडल हंट अवार्ड जीतने से पहले वह कुछ दिन बार के सदस्य भी रहे। वर्ष 2015 में दीप सिद्धू की पहली पंजाबी फिल्म ‘रमता जोगी’ रिलीज हुई। हालांकि उन्हें साल 2018 में आई फिल्म जोरा दास नुम्बरिया से शोहरत मिली, जिसमें उन्होंने गैंगेस्टर का रोल निभाया है।

सनी देओल की चुनावी टीम में थे सिद्धू, मौके की नज़ाकत को देख कर लिया किनारा
गौरतलब है कि साल 2019 में एक्टर सनी देओल ने जब गुरुदासपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा था, तो अपने चुनाव कैंपेन की टीम में दीप सिद्धू को भी रखा था। हालांकि लाल किले पर हुई हिंसक घटना के बाद सनी देओल ने एक ट्वीट करते हुए कहा है ‘मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू से कोई संबंध नहीं है।’

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