अलीपुर SHO पर तलवार से हमला करने वाले किसान आंदोलनकारी को सर्वजनिक करना क्या उचित नहीं जिसका उन्होने मीडिया पर लिया था नाम ? जिससे मीडिया पर चली भ्रामक खबर

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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने सिंघु बार्डर पर शुक्रवार दोपहर को हुई हिंसा में SHO अलीपुर पर हमला करने वाले व्यक्ति सहित 44 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली के अलीपुर पुलिस स्टेशन में हत्या की कोशिश सहित विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है और जांच शुरू की गई है।

SHO अलीपुर पर हुआ था हमला

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि काजमपुर का रहने वाला आरोपी रणजीत सिंह और 22 वर्षीय पीएस राहु ने तलवार से SHO अलीपुर पर हमला किया था। इन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है। बकौल SHO अलीपुर द्वारा ऑन एयर मीडिया पर दावा किया गया कि येे हमला किसान आंदोलनकारी के द्वारा किया जिसे एक निजी चैनल पर खूब प्रचारित प्रसारित भी किया गया।

क्या अब जनता को ये जानने का अधिकार नहीं है कि आखिरकार वो कौन किसान आंदोलनकारी था जिसने पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला किया, क्या अब उस निजी चैनल का फर्ज नहीं की उस किसान आन्दोलनकारी को सार्वजनिक करने की मांग करे जिसका जिक्र उक्त अधिकारी ने उसके संवाददाता से किया था ? बल्कि सभी दंगाइयों ही सार्वजनिक किया जाना चाहिये कि नहीं ? क्या ये विश्वसनियता पर सवाल नहीं खडा करता हई ?

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किसानों और भीड़ के बीच हुआ था बवाल
दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को किसान प्रदर्शनकारियों और अन्य प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर बवाल हुआ। दोनों गुटों के बीच पत्थरबाजी हुई और एक दूसरे पर हमला किया गया। स्थानीय प्रदर्शनकारी शुक्रवार सुबह से ही किसान आंदोलनकारियों के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे थे और हाईवे खाली करने की मांग की गई। इस दौरान किसानों के टैंट भी उखाड़े गए।

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हंगामा बढ़ने के बाद स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।इस दौरान अलीपुर थाने के एसएचओ प्रदीप पालीवाल घायल हो गए। इस झड़प में कुछ किसान भी घायल हुए हैं।