नई दिल्ली: सरकार के पंक्चर होते तेवर, दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के ट्रैक्टरों को पंक्चर करने के लिए पुलिस की ओर से जो नुकीली कीलें लगाई गयी थीं उन्हें कई जगहों पर मोड़ दिया गया है। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन के बीच पिछले दो दिनों से दिल्ली पुलिस की ओर से इन जगहों पर की गई बैरिकेडिंग दरअसल चर्चा में है। अब ये अंतर्राष्ट्रीय पटल पर पहुँचा, अमेरिका का ऐलान किसानों के लिये बनेगा अंतर्राष्ट्रीय बाजार, वहीं गृहमंत्रालय का बयान ये हमारा आंतरिक मसला!

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दिल्ली पुलिस की मल्टी लेयर की बैरिकेडिंग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं और विपक्ष भी इनकी तीखी आलोचना कर रहा है। हालांकि, अब इसे कई जगहों पर मुड़ा हुआ पाया गया है।और अब पुलिस उसे निकाल रही है, पूछे जाने पर क्योंकर पहले लगायी गयी और अब निकाली जा रही है, क्या इसे वापस लगाया जायेगा, तो पुलिस की सफायी थी कि ये कीलें मुड गयीं थी इस लिये निकाला जा रहा है लेकिन वापस लगाने पर कोई जवाब नहीं दे पायी।

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राकेश टिकैत की चेतावनी
वहीँ राकेश टिकैत ने बुधवार को हरियाणा जींद में आयोजित महापंचायत में एक बार फिर जोर देकर कहा कि कृषि कानूनों की वापसी के अलावा किसान मानने वाला नहीं है। उन्होंने सरकार को चेताया, ‘अभी तो किसानों ने सिर्फ कानून वापसी की बात कही है, अगर किसान गद्दी वापसी की बात पर आ गए तो उनका क्या होगा। इस बात को सरकार को भलिभांति सोच लेना चाहिए।’