लख़नऊ (यूपी) 10 फरवरी व एक मार्च से खुलने वाले स्कूलों में मिड डे मील भी परोसा जाएगा। वहीं अब एक सितम्बर से 31 दिसम्बर तक के एमडीएम की परिवर्तन लागत अभिभावकों के खाते में दिए जाने पर यूपी सरकार ने रोक लगा दी गई है। बजट की कमी के चलते इस धनराशि को स्कूलों में बनने वाले एमडीएम पर खर्च किया जाएगा।  मिड डे मील प्राधिकरण के निदेशक विजय किरन आनंद ने आदेश जारी कर दिया है। 

अभी तक मार्च से 31 अगस्त तक 125 दिन का खाद्य सुरक्षा भत्ता बच्चों के अभिभावकों के खाते में पहुंच चुका है और खाद्यान्न राशन की दुकानों से दिया जा चुका है। एक सितम्बर से 31 दिसम्बर तक 94 दिनों के खाद्य सुरक्षा भत्ता दिए जाने का प्रस्ताव पिछले दिनों शासन को भेजा गया है  लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है। दरअसल, केन्द्र सरकार केवल उपस्थित बच्चों की संख्या के आधार पर ही बजट देती है और यूपी में नामांकन के मुकाबले 50 से 60 फीसदी बच्चे ही स्कूल आते हैं जबकि खाद्य सुरक्षा भत्ता सभी नामांकित बच्चों के अभिभावकों को दिया गया। लिहाजा 75995 लाख रुपये की अतिरिक्त बजट की मांग केन्द्र को भेजी गई है।  

स्कूलों में बनेगा मिड डे मील
प्राइमरी स्कूलों में 31 मार्च तक के लिए 24 दिन और जूनियर स्कूलों में 37 दिन का खाद्यान्न पहुंचाने के निर्देश जारी हो गए हैं। टॉस्क फोर्स नियमित निरीक्षण करेगी और कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पालन करवाएगी। नामांकन के 50 फीसदी के आधार पर कन्वर्जन कॉस्ट भेजी जाएगी। वहीं खाद्यान्न की उठान भी समयबद्ध ढंग से होगी। इसे वरीयता के आधार पर किया जाएगा।  वहीं राज्य सरकार ने भी 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही स्कूल बुलाने के निर्देश दिए हैं। 

टास्कफोर्स पहले करेगी दूरदराज के स्कूलों का निरीक्षण
स्कूलों के खुलने से पहले ही जिला व ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की टॉस्क फोर्स साफ सफाई, स्कूलों में रसोई गैस की उपलब्धता, नॉब-रेगुलेटर या लीकेज आदि की चेकिंग की जाएगी। रोस्टरवार निरीक्षण किया जाए और पहले दूर-दराज के स्कूल और बाद में शहर के आसपास स्थित स्कूलों का निरीक्षण किया जाए।  स्कूल परिसर को रोज साफ किया जाए। केवल एमडीएम खाते समय ही मास्क उतारने की अनुमति दी जाए। छह फुट की दूरी पर बच्चों को बैठाया जाए। हाथ धोने के बाद कपड़े से पोछने के बजाय हवा में सुखाने के निर्देश हैं।  सब्जियों के छिलके व अन्य कूड़े को ढक्कनदार डस्टबिन में ही फेंका जाए। 

  • 24 मार्च से 30 जून तक (76दिन) 
  • प्राइमरी स्कूल के बच्चों को 374.29 रुपये, जूनियर स्कूल के बच्चों को 561 रुपये
  • एक जुलाई से 31 अगस्त तक (49 दिन)
  • प्राइमरी स्कूल के बच्चों को 243 रुपये, जूनियर स्कूल के बच्चों को 365 रुपये
  • एक सितम्बर से 31 दिसम्बर तक 94 दिनों के एमडीएम के लिए-
  • प्राइमरी स्कूल के बच्चों को 467.18 रुपए, जूनियर स्कूल के बच्चों को 700 रुपए 
    (अब ये धनराशि केन्द्र सरकार से बजट मिलने के बाद दी जाएगी)
  • केंद्र सरकार ने अब तक 1405.48 करोड़ की धनाराशि जारी की