Rape

मिशन शक्ति महिला दिवस जैसे आयोजन दिखावा बनकर रह गए हैं। दहेज के लिए आज भी महिलाओं को प्रताड़ित कर घर से निकाला जा रहा है। जिससे परेशान एक महिला ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर इच्छा मृत्यु की मांग की।

कानपुर (यूपी) एक तरफ सरकार मिशन शक्ति का प्रचार प्रसार कर महिलाओं को उनकी शक्ति का एहसास करा रही है। एक दिन का कोतवाली प्रभारी बनाया जा रहा है। लेकिन इस महिला ने घरेलू हिंसा और दहेज को लेकर मुख्यमंत्री को ट्वीट किया है। जिसमें उसने इच्छा मृत्यु की मांग की है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि मैं भी आयशा जैसी हूं। और उसे दहेज के लिए ससुराल प्रताड़ित किया जा रहा है। दहेज की मांग पूरी ना होने पर उसे और उसके मासूम बच्चे को घर से बाहर निकाल दिया गया। चौकी से लेकर थाने तक चक्कर लगाया। लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। मुख्यमंत्री को ट्वीट करके उसने इच्छा मृत्यु की मांग की है।

मामला चकेरी थाना क्षेत्र के मंगला विहार का है। उक्त मोहल्ला पीड़िता ने थाने में दिए शिकायती पत्र में बताया है कि उसकी शादी 29 जून 2018 को हुई थी। लड़के वालों की मांग के अनुसार पूरा दहेज दिया गया था। शादी के बाद वह अपने पति के साथ हैदराबाद आ गई।।जहां उसका पति मसाला फैक्ट्री में अकाउंटेंट है। हैदराबाद में उसके नंद और नंदोई भी रहते हैं। जिसके शह पर ससुराल वाले ₹5 लाख दहेज की मांग करने लगे। दहेज की मांग पूरी ना होने पर उसके साथ मारपीट की गई। इसकी जानकारी अपने पिता को दी। मौके पर पहुंचे पिता के साथ वह अपने मायके आ गई। जहां उसने अपने बेटे को जन्म दिया।

पीड़िता के अनुसार ससुराल वालों के ना आने और ना ही बुलाने पर वह स्वयं चली गई। जहां उसके साथ मारपीट की गई और विगत 16 नवंबर को उसे मासूम बच्चे के साथ घर से बाहर निकाल दिया गया। इस संबंध में उसने चौकी से लेकर थाना तक शिकायत की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उसके बाद पीड़िता ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर इच्छा मृत्यु की मांग की। इस संबंध में थानाध्यक्ष चकेरी ने बताया कि जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।