नई दिल्ली: युसूफ योहन्ना बोले, कोई भी क्रिकेटर अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत को देता है। लेकिन कुछ क्रिकेटरों ने अपनी सफलता का श्रेय कोच को दिया जिन्होंने उन्हें बनाया। लेकिन पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर ने खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए धर्म परिवर्तन का श्रेय दिया है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उनकी बल्लेबाजी में सुधार हुआ है।

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पाकिस्तान के लिए 287 वनडे खेलने वाले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ ने 2005 में ईसाई धर्म से इस्लाम में धर्मांतरण कर लिया था। उन्होंने तब से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने 2006 में भारत के खिलाफ सीरीज में 199 गेंदों में 173 रन बनाए थे। उसी वर्ष, उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर भी आक्रामक बल्लेबाजी की। 2006 में, उन्होंने 99.33 की औसत से 1778 रन बनाए। उन्होंने विवियन रिचर्ड्स के 9 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ा। उन्होंने डॉन ब्रैडमैन के लगातार छह शतकों के रिकॉर्ड की भी बराबरी की।

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यूसुफ ने कहा, “किसी ने भी मुझे इस्लाम में परिवर्तित होने के लिए मजबूर नहीं किया। वास्तव में, मैं सईद अनवर के बहुत करीब था। मैंने उनके साथ काफी समय बिताया है। जब मैं उनके घर पर था तो मैंने देखा कि उनका परिवार बहुत अनुशासित था और उनका जीवन मुझे बहुत शांत लगता था। सईद अनवर बेटी की मृत्यु के बाद भी धार्मिक था। उन्हें देखकर मुझे भी इस्लाम में परिवर्तित होने की प्रेरणा मिली।”

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2006 में रिचर्ड्स का रिकाॅर्ड तोड़ने पर यूसुफ ने कहा, ”2006 में मेरा अच्छा प्रदर्शन अल्लाह का तोहफा था। मैंने नहीं सोचा था कि मैं विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ूंगा, लेकिन मुझे शांति थी और मानसिक रूप से मेरा खेल अच्छा था और मुझे लगता था कि कोई भी मुझे रोक नहीं सकता है और कोई भी मुश्किल मेरी राह में नहीं आएगी।”

गौरतलब है कि इस्लाम धर्म अपनाने से पहले मोहम्मद युसूफ का नाम युसूफ योहन्ना था|