कन्नौज (यूपी) जिला प्रशासन ने करीब 24 घंटे की मथापच्ची के बाद विभिन्न पदों के आरक्षण की सूची सार्वजनिक की। नए आरक्षण से भाजपाइयों की बल्ले-बल्ले हो गई। हाईकोर्ट का आदेश जनप्रतिनिधियों के लिए फायदेमंद साबित हुआ। जनप्रतिनिधियों के गांव में जरूरत के हिसाब से सीट का बदलाव हुआ है, तो कहीं पहले से जारी आरक्षण सूची में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। इससे साफ जाहिर है कि जनप्रतिनिधियों के करीबियों को सीधा लाभ देने की कोशिश की गई है।
हाईकोर्ट ने 15 मार्च को 2015 के आरक्षण को आधार मानकर नई आरक्षण सूची जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। इस आदेश के बाद ही जिला स्तरीय अधिकारियों ने आरक्षण को लेकर गुणा-भाग लगाना शुरू कर दिया था। वहीं आरक्षण संबंधी मुख्य काम 24 घंटे के अंदर किया गया। इसमें डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी व अफसरों ने कैंप कार्यालय में घंटों मंथन के बाद शनिवार शाम आरक्षण की अनंतिम सूची जारी की। इसमें भाजपाइयों समेत जनप्रतिनिधियों की बल्ले-बल्ले रही। हाईकोर्ट के आदेश बाद जारी हुई नई आरक्षण सूची उनके लिए वरदान साबित हुई।