आरबीआई गवर्नर देश अब किसी भी संकट से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है. प्रभावी तरीके से सर्विस डिलीवरी को लेकर वित्तीय सेक्टर में नए रास्ते बनाए जाने चाहिए. इसे लेकर RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐसी प्रभावी नियमन की जरूरत बताई जो फिनटेक स्पेस में इनोवेशन को हतोत्साहित करने की बजाय उसकी मदद करे. गुरुवार को एक कार्यक्रम में केंद्रीय बैंक के गवर्नर दास ने कहा कि आरबीआई के लिए इफेक्टिव रेगुलेशन प्रॉयोरिटी में है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि मजबूत पूंजी आधार को लेकर बैंकिंग सेक्टर के स्वास्थ्य को बनाए रखना और एथिक्स-ड्राइवेन गवर्नेंस भी केंद्रीय बैंक की पॉलिसी प्रॉयोरिटी में है.

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RBI गवर्नर ने कहा कि RTGS और NEFT में अभी सिर्फ रुपये में ही लेन-देन होता है लेकिन इसकी क्षमता कई करेंसीज में लेन-देन को लेकर बढ़ाई जा सकती है. यानी कि अगर इसमें इनोवेशन किया जाए तो इसके जरिए डॉलर के रूप में भी ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं.

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तकनीकी और नई-नई खोजों ने उपभोक्ताओं को बेहतर तरीके और तेज गति से सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. आरबीआई गवर्नर दास ने तकनीक और इनोवेशन की बड़ी भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि आरबीआई ने लोगों को डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) उपलब्ध कराने के लिए 274 करोड़ डिजिटल ट्रांजैक्शंस पर प्रॉसेस किया. इसमें से अधिकतर तो महामारी के दौरान प्रॉसेस हुए.

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