नई दिल्ली: लगता ही चुनाव आयोग ममता के बयानों काफी बारीकी से नज़र रख रहा है तभी तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को एक और नोटिस थमा दिया है, इस बार यह नोटिस राज्य में चुनाव ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के खिलाफ बयान पर दी गयी है. आयोग का मानना है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान प्रथम दृष्टया “पूरी तरह गलत और भड़काऊ’ है।

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गुरुवार रात जारी किए गए नोटिस में चुनाव आयोग ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस नेता ने प्रथम दृष्ट्या केंद्रीय बलों के खिलाफ अपनी टिप्पणी से भारतीय दंड संहिता और आदर्श आचार संहिता के विभिन्न वर्गों का उल्लंघन किया है। मुख्यमंत्री को शनिवार सुबह 11 बजे तक नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया है।

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चुनाव आयोग का कहना कि सीआरपीएफ सहित सभी अर्द्धसैनिकों बलों की चुनाव कराने महत्वपूर्ण भूमिका है, वह कानून व्यवस्था से लेकर निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराते हैं। आयोग ने कहा कि ममता बनर्जी का आरोप दुर्भाग्यपूर्ण है, इससे न सिर्फ चुनाव के दौरान, बल्कि चुनाव के बाद भी केंद्रीय सुरक्षा बलों पर सवाल उठेंगे।

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चुनाव आयोग का कहना है कि ममता का बयान चुनाव आचार संहिता के साथ ही आईपीसी की धारा 186, 189 और 505 का उल्लंघन है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग ने 10 अप्रैल को दिन में 11 बजे तक जवाब मांगा हैं। आयोग का कहना है कि अगर ममता बनर्जी जवाब नहीं देती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पिछले कुछ दिनों में बनर्जी को यह दूसरा नोटिस है। बुधवार को उसने उसे सांप्रदायिक लाइनों के साथ वोट के लिए उनकी कथित अपील पर नोटिस जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि यह मॉडल कोड और जनप्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन है।