नई दिल्ली: सरकार ने कोरोना के तांडव आगे टेके घुटने, छात्र-छात्रों और विपक्षी दलों का विरोध रंग लाया और सरकार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की10वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा करनी पड़ी. वहीं कक्षा 12वीं की परीक्षाओं को भी टालने का फैसला किया गया है. यह महत्वपूर्ण निर्णय बुधवार को प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा मंत्री के साथ बैठक में लिया है.

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सरकार ने कोरोना के तांडव आगे टेके घुटने
देश में कोरोना महामारी का विकराल होते रूप सरकार को यह फैसला लेने पर मजबूर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को परीक्षाओं के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय शिक्षा सचिव और कई शीर्ष अधिकारियों को एक बैठक के लिए बुलाया था. बैठक के बाद एक एक बयान जारी कर बताया गया कि केंद्र सरकार ने देश भर में कोविड-19 महामारी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी है जबकि 12वीं की परीक्षा स्थगित करने का फैसला किया है.

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क्राइटेरिया सिस्टम बनेगा
शिक्षा मंत्रालय ने बताया है कि वो इस फैसले के बाद वो फिर से 1 जून को स्थिति की समीक्षा करेगा. मंत्रालय ने बताया है कि कक्षा 10वीं के बच्चों का रिजल्ट निकालने के लिए बोर्ड एक क्राइटेरिया सिस्टम बनाएगा और 12वीं की परीक्षाएं बाद में ली जाएंगी. शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने ट्वीट कर कहा कि मीटिंग में पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए यह फैसला लिया गया है.

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विपक्ष कर रहा था मांग
दरअसल रिकॉर्डतोड़ संक्रमण के केस के देखते हुए परीक्षाओं को रद्द या टालने की मांग की जा रही थी. कोरोना को देखते हुए कई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे थे.