लखनऊ (यूपी) कोरोन वायरस की दूसरी लहर से पूरे उत्तर प्रदेश में हाहाकार मचा है। बेतहाशा बढ़ती संक्रमितों की संख्या और ऑक्सीजन की किल्लत ने सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेपटरी कर दिया है। ऑक्सीजन नहीं मिलने से लोगों की सांसें थम रही हैं और तीमारदार हांफ रहे हैं। कन्नौज के तिर्वा मेडिकल कॉलेज में अचानक ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने से चार मरीजों की मौत हो गई वहीं, उन्नाव में दो महिलाओं सहित नौ की मौत से हड़कम्प मच गया। परिजनों का आरोप है कि आक्सीजन नहीं मिलने से मरीजों की मौत हुई है हालांकि, सिटी मजिस्ट्रेट ने दावा किया कि जिनकी मौत हुई वह सभी गंभीर हालत में थे। वहीं, झांसी जिले में आक्सीजन की कमी के चलते निजी अस्पतालों में 100 से ज्यादा ऑपरेशन टाल दिये गये। सोशल मीडिया पर ऐसे ही तमाम वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें मरीजों से लेकर तीमारदार तक ऑक्सीजन उपलब्धता की हकीकत बयां कर रहे हैं। अस्पतालों से खत्म होते स्टॉक के बीच चोरी-छिपे ऑक्सीजन सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू हो गई है। बलरामपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में एक-एक लाख रुपए तक में ऑक्सीजन सिलेंडर बेचे जा रहे हैं।

आक्सीजन की बढ़ती हुई किल्लत को देखते हुए प्रदेश सरकार अब सभी मेडिकल कॉलेज, संस्थान और चिकित्सा महाविद्यालयों पर पल-पल नजर रखेगी। इसके लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के कार्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम से न सिर्फ ऑक्सीजन आपूर्ति पर नजर रखी जाएगी, बल्कि किसी भी प्रकार की आवश्यकता पर तत्काल समाधान कराया जाएगा। कंट्रोल रूम गूगल शीट पर ऑक्सीजन के बारे में सूचना दिन में चार बार अपडेट करेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों को 36 घंटे का बैकअप बनाये रखने का निर्देश दिया है।

ऑक्सीजन ही नहीं, खाली सिलेंडरों की भी दिक्कत
कोरोना महामारी के बीच आक्सीजन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कंपनियों से प्रोडक्शन बढ़ाने की अपील की है। ऑक्सीजन उत्पादन करने वाली कंपनियों का कहना है कि वह ऑक्सीजन का प्रोडक्शन तो बढ़ा देंगी, लेकिन रखेंगे किसमें? क्योंकि उनके पास खाली सिलेंडर ही नहीं हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रदेश भर के अस्पताल 36 घंटे का ऑक्सीजन का बैकअप रख रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घर में ऑक्सीजन सिलेंडर खरीद कर रख लिया है। ऐसे में अब खाली सिलेंडर की किल्लत भी बड़ी समस्या बन गई है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑक्सीजन रिफलिंग केंद्रों को निर्देश दिया है कि अति गंभीर परिस्थितियों को छोड़कर व्यक्तिगत रूप से किसी को भी आक्सीजन सिलेंडर नहीं दिया जाये। उधर, वाराणसी जिला प्रशासन ने अहमदाबाद से 600 नये सिलेंडर मंगवाये हैं।