भरूच – कल शुक्रवार देर रात को भरूच के बायपास रोड स्थित पटेल वेलफेयर अस्पताल के कोविड वार्ड में आग लगने से 13 मरीजों व अस्पताल के दो कर्मचारियों की मौत हो गई। आईसीयू समेत अस्पताल के कई हिस्सों में आग फैलने से भगदड़ मच गई। हादसे के बाद बचाव कार्य शुरू हुआ और इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि कुछ अन्य लोग भी हताहत हो सकते हैं। आग के कारण वेंटिलेटर, बेड और आईसीयू के सभी मेडिकल उपकरण भी जल गए। आग लगने की खबर पाकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। देर रात स्थानीय लोगों ने अस्पताल के शीशे तोड़कर 20 से अधिक मरीजों की जान बचाई।

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भरुच जंबुसर बायपास रोड पर पटेल वेलफेयर अस्पताल को कोविड अस्पताल नामित किया गया है। पिछले एक साल से भरूच के कई कोरोना पॉजीटिव मरीजों को इस अस्पताल में मुफ्त इलाज दिया जा रहा था। आधी रात को इस अस्पताल के कोविड आईसीयू वार्ड में आग लग गई, जिसमें 15 लोग मारे गये। मरने वालों में  13 मरीज और दो कर्मचारी हैं। अस्पताल में भर्ती अन्य रोगियों को बचा लिया गया है और उन्हें दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रारंभिक तौर पर बताया गया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।

पटेल वेलफेयर अस्पताल में भर्ती मरीजों को भरूच सिविल अस्पताल और जंबूसर अल महमूद अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। अस्पताल में हुई त्रासदी ने पूरे सूबे में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। अस्पताल में आग की खबर तेजी से फैल गई और भरूच के पश्चिमी हिस्से से 5हजार से 6 हजार लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए। अस्पताल में भर्ती मरीजों के रिश्तेदार उन्हें बचाने के लिए हाथ-पांव मार रहे थे।

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घटना के बाद 40 से अधिक एम्बुलेंस को घटनास्थल पर बुलाया गया। साथ ही जिला पुलिस का एक काफिला और दमकल की 12 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काम करना शुरू किया। अस्पताल में आग लगने के समय आईसीयू वार्ड में 27 मरीजों का इलाज किया जा रहा था।  यह घटना इतनी गंभीर और दर्दनाक थी कि लोग मदद के लिए रो रहे थे और सोशल मीडिया पर ऑडियो भेज रहे थे।
इस आग के बाद, भरूच कलेक्टर द्वारा एक समिति बनाई गई है और तत्काल आग की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

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सबूतों के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वहीं, कलेक्टर ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गुजरात में, कोरोना महामारी के बाद कोविड -19 अस्पतालों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं।  पिछले एक साल में, अहमदाबाद, वडोदरा, जामनगर और राजकोट में भी कोरोना का इलाज कर रहे मरीज आग लगने से ईसीयू में ही फंस गए। पिछले एक साल में भरूच में ही आग लगने की पांच घटनाएं हो चुकी हैं।