नई दिल्ली: अब नहीं बनेंगे प्रशांत किशोर चुनावी रणनीतिकार, प्रशांत किशोर ने कहा है कि अब वे चुनावी रणनीति बनाने का काम छोड़ कुछ और करना चाहते हैं. ग़ौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी के लिए और तमिलनाडु में एम के स्टालिन के साथ मिलकर डीएमके के लिए रणनीतिकार के रूप में सेवाएं दी थीं.

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अब नहीं बनेंगे प्रशांत किशोर चुनावी रणनीतिकार

कुछ और काम करने की इच्छा
पश्चिम बंगाल के आ रहे चुनावी नतीजों के बीच एक इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने कहा, ‘मैं अभी जो कर रहा हूं, उसे आगे जारी नहीं रखना चाहता हूं। ये समय है कि मैं ब्रेक लूं और कुछ और काम करूं। मैं इस जगह को छोड़ना चाहता हूं।’

नाकाम नेता
पश्चिम बंगाल के अलावा प्रशांत किशोर ने तमिलनाडु में भी डीएमके के लिए काम किया था। यहां भी आ रहे नतीजे बता रहे हैं कि किशोर की रणनीति जमीन पर काम करने में कामयाब रही है। ये पूछे जाने पर कि क्या प्रशांत किशोर अब राजनीति में फिर किस्मत आजमाना चाहते हैं, उन्होंने कहा- ‘मैं एक नाकाम राजनेता हूं। मुझे सोचना होगा कि मैं क्या कर सकता हूं।’

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कठिन थी लड़ाई
पश्चिम बंगाल के नतीजों पर प्रशांत किशोर ने इसी इंटरव्यू में कहा कि भले ही तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर सत्ता पर काबिज होने जा रही है और नतीजे एकतफा नजर आते हैं लकिन पार्टी के लिए ये कठिन लड़ाई थी।

जीत के लिए थे आश्वस्त
प्रशांत किशोर ने कहा, ‘हम बहुत मुश्किलों से गुजरे। चुनाव आयोग सीधे तौर पर पक्षपात कर रहा था और हमारी कैंपेन को मुश्किल बना रहा था। हम चुनाव में अपने अच्छे प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त थे और टीएमसी उम्मीद से कहीं बेहतर जीत हासिल करने जा रही है। बीजेपी बड़ा प्रोपोगैंडा फैलाने में जुटी थी कि वे जीत रहे हैं।’

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मोदी का मतलब जीत नहीं
प्रशांत किशोर ने साथ ही कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ये मतलब नहीं है कि बीजेपी सभी चुनाव जीत जाएगी। इस बीच प्रशांक किशोर का एक पुराना ट्वीट भी वायरल हो रहा है जो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में किया था।