महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल बने सीबीआई के नए निदेशक, सीआईएसएफ प्रमुख के पद पर थे तैनात

नई दिल्ली: महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल को सीबीआई का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. ये नियुक्ति दो साल के लिए हुई है. अभी सुबोध कुमार जायसवाल सीआईएसएफ के प्रमुख के पद पर तैनात हैं.

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महाराष्ट्र के डीजीपी भी रह चुके हैं
1985 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल मुंबई के पुलिस आयुक्त और महाराष्ट्र के डीजीपी भी रह चुके हैं. साथ ही उन्होंने आईबी और रॉ में भी काम किया है. इससे पहले सीबीआई के नए डायरेक्टर के नाम को लेकर तीन नाम सबसे आगे चल रहे थे, जिसमें यूपी पुलिस के डीजी एच सी अवस्थी, आर के चंद्रा और वी एस के कामुदी का नाम शामिल था. वीएसके कामुदी असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी और राष्ट्रीय जांच एजेंसी के डायरेक्टर जनरल हैं.

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हाई-लेवल मीटिंग में हुआ फैसला
सीबीआई डायरेक्टर का नाम तय करने के लिए एक हाई-लेवल कमिटी मीटिंग हुई थी. जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. जिस समिति ने यह फैसला लिया है उसमें विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी और भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा भी शामिल थे.

प्रवीण सिन्हा संभाल रहे थे कार्यभार
सीबीआई के डायरेक्टर का पद फरवरी में आरके शुक्ला के रिटायरमेंट के बाद से ही खाली पड़ा हुआ है. आरके शुक्ला के रिटायर होने से लेकर फुल टाइम चीफ की नियुक्ति तक कार्यभार संभालने का जिम्मा सीबीआई के सीनियर मोस्ट एडिशनल डायरेक्टर प्रवीण सिन्हा को सौंपा गया था.

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1985 बैच के आईपीएस
सुबोध जयसवाल 1985 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. वह फिलहाल CISF के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले, उन्होंने इसी साल की शुरुआत में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए बुलाए जाने से पहले मुंबई पुलिस आयुक्त और महाराष्ट्र डीजीपी के पदों पर कार्य किया था. इंटेलिजेंस ब्यूरो और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) में उनका लंबा कार्यकाल रहा है, हालांकि उन्हें सीबीआई में सेवा करने का कोई अनुभव नहीं है.

तेलगी घोटाले की जांच की
महाराष्ट्र में जयसवाल ने तेलगी घोटाले की जांच की थी, जिसे बाद में सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिया था. जयसवाल तब राज्य रिजर्व पुलिस बल का नेतृत्व कर रहे थे. उसके बाद वे महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते में शामिल हो गए और लगभग एक दशक तक रिसर्च एंड एनालिसिस विंग की सेवा में रहे.

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