Manvadhikar Abhivyakti News
google.com, pub-2846578561274269, DIRECT, f08c47fec0942fa0
दिल्ली में ब्लैक फंगस तेज़ी से फैल रहा है, घोषित हुयी महामारी

दिल्ली में ब्लैक फंगस तेज़ी से फैल रहा है, घोषित हुयी महामारी

google.com, pub-2846578561274269, DIRECT, f08c47fec0942fa0
google.com, pub-2846578561274269, DIRECT, f08c47fec0942fa0

नई दिल्ली: दिल्ली में कोरोना संकट के बीच ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) बीमारी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. ब्लैक फंगस के खतरे को देखते हुए इस बीमारी को महामारी यानी एपिडेमिक घोषित कर दिया गया है. दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इस बाबत औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

google.com, pub-2846578561274269, DIRECT, f08c47fec0942fa0

निडर, निष्पक्ष, निर्भीक चुनिंदा खबरों को पढने के लिए यहाँ >> क्लिक <<करें

google.com, pub-2846578561274269, DIRECT, f08c47fec0942fa0

तेज़ी से फ़ैल रहा है ब्लैक फंगस
बता दें कि ब्लैक फंगस के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. शुक्रवार (21 मई) को दिल्ली में करीब 200 ब्लैक फंगस के मामले थे, जबकि बुधवार 26 मई को इनकी संख्या बढ़कर 620 हो चुकी है. ब्लैक फंगस कितनी तेजी से दिल्ली में फैल रहा है, इन आंकड़ों से साफ पता चलता है.

अधिक महत्वपूर्ण जानकारियों / खबरों के लिये यहाँ >>क्लिक<< करें

व्हाइट फंगस का एक मामला
उधर, ब्लैक फंगस के बीच अब व्हाइट फंगस के मामले ने चिंता बढ़ा दी है. व्हाइट फंगस का एक मामला सामने आया है, जिसमें फंगस के कारण महिला की आंतों में छेद हो गए. व्हाइट फंगस से शरीर को पहुंचे इस तरह के नुकसान का ये दुनिया में पहला केस बताया जा रहा है. दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल ने इस मामले की जानकारी दी है. अस्पताल के मुताबिक, 49 साल की ये महिला कैंसर से पीड़ित थी और कुछ वक्त पहले ही उसकी कीमोथेरेपी भी हुई थी.

‘लोकल न्यूज’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ‘नागरिक पत्रकारिता’ का हिस्सा बनने के लिये यहाँ >>क्लिक<< करें

Amphotericin B इंजेक्शन की भारी किल्लत
वहीं ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाले Amphotericin B इंजेक्शन की दिल्ली में भारी किल्लत बताई गई है. बीते दिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से इंजेक्शन की बेहद कम डोज मिलने का जिक्र किया था. उन्होंने ‘आजतक’ से कहा है कि ब्लैक फंगस के इलाज के लिए सेंटर बना लिए गए हैं. LNJP, GTB और राजीव गांधी अस्पताल में सेंटर बनाए गए हैं, लेकिन दवाई नहीं है. केंद्र सरकार अलग-अलग राज्यों को इंजेक्शन देती है लेकिन दवाई की मार्केट में बहुत कमी है. दवाई के प्रोडक्शन को बढ़ाने की जरूरत है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

google.com, pub-2846578561274269, DIRECT, f08c47fec0942fa0