31 C
Mumbai
Saturday, February 4, 2023

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

ग्वालियर 3,000 जूनियर डॉक्टरों का सामूहिक इस्तीफा शिवराज के शासन काल में…! मामा जी ये क्या हो रहा है !

कोरोना और ब्लैक फंगस के कहर के बीच एमपी में जूनियर डॉक्टर तीन दिनों से हड़ताल पर थे

नई दिल्ली: ग्वालियर 3,000 जूनियर डॉक्टरों का सामूहिक इस्तीफा, कोरोना महामारी की आपदा के बीच भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य मध्यप्रदेश के ग्वालियर में 3000 जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।

निडर, निष्पक्ष, निर्भीक चुनिंदा खबरों को पढने के लिए यहाँ >> क्लिक <<करें

कोरोना और ब्लैक फंगस के कहर

दरअसल, कोरोना और ब्लैक फंगस के कहर के बीच एमपी में जूनियर डॉक्टर तीन दिनों से हड़ताल पर थे। तीन हजार डॉक्टरों ने अपनी मांगों को को लेकर काम करने से इंकार कर दिया था। जूनियर डॉक्टर सरकार मानदेय बढ़ाने और कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर उन्हें और उनके परिवार के लिए मुफ्त इलाज की मांग कर रहे हैं।

अधिक महत्वपूर्ण जानकारियों / खबरों के लिये यहाँ >>क्लिक<< करें

डॉक्टरों ने बताई मजबूरी

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि ये उनकी मजबूरी है। डॉक्टरों ने मांग की है कि सरकार उनके मानदेय को बढ़ाए और मांग को पूरा करे। हड़ताल पर रहने को लेकर प्रदेश सरकार ने जूनियर डॉक्टरों को सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी।

‘लोकल न्यूज’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ‘नागरिक पत्रकारिता’ का हिस्सा बनने के लिये यहाँ >>क्लिक<< करें

हड़ताल अवैधानिक

वहीं, गुरुवार को एमपी हाईकोर्ट ने जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को अवैधानिक करार दिया था। हाईकोर्ट ने निर्देश में कहा था कि डॉक्टर 24 घंटे के भीतर काम पर शीघ्र लौटें। यदि ऐसा नहीं होता है तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। दरअसल, शिवराज सरकार का कहना है कि जूनियर डॉक्टरों की अधिकांश मांगों को मान लिया गया है। इस बात की जानकारी राज्य सरकार के वकील ने हाईकोर्ट में दी है।

Latest news

ना ही पक्ष ना ही विपक्ष, जनता के सवाल सबके समक्ष

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here