सिब्बल ने जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़ने पर किया करारा प्रहार - ये ‘प्रसादा राम राजनीति’ है..! क्या ये अवसरवादी राजनीति है ?

कांग्रेस मौजूदा समय में भारी संकट के दौर से जूझ रही

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने के बाद से कांग्रेस के और भी नेताओं के भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं. इससे यह तो स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस मौजूदा समय में भारी संकट के दौर से जूझ रही है.

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सैद्धांतिक समझौतों से जनता का राजनीति पर से भरोसा उठ जाएगा

जितिन प्रसाद के कांग्रेस छोड़ने पर कपिल सिब्बल ने कहा कि ये ‘प्रसादा राम राजनीति’ है, ऐसे सैद्धांतिक समझौतों से जनता का राजनीति पर से भरोसा उठ जाएगा. जब उनसे पूछा गया कि आपको अगर ऐसा कदम उठाना पड़ा तो उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले को मेरे मृत शरीर से होकर गुजरना होगा.

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इस प्रकृति के निर्णय विचारधारा पर आधारित नहीं

जितिन प्रसाद के कदम पर सिब्बल ने आगे कहा, “मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता कि पार्टी नेतृत्व ने क्या किया है या नहीं किया है. हम भारतीय राजनीति में एक ऐसे चरण में पहुंच गए हैं जहां इस प्रकृति के निर्णय विचारधारा पर आधारित नहीं हैं. वे उस पर आधारित हैं जिसे अब मैं प्रसादा राम राजनीति कहता हूं. पहले यह आया राम गया राम था. हमने पश्चिम बंगाल में ऐसा होते देखा है- अचानक लोग चले जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि भाजपा सफल होने जा रही है आप एक विचारधारा के प्रति अपने विश्वासों के आधार पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं बल्कि आपको विश्वास है कि ‘मुझे व्यक्तिगत रूप से कुछ मिल सकता है’. मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हुआ “

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