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Thursday, December 8, 2022

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यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त के नाम खुला ख़त ईरानी राजनायिक की ग़ैर-क़ानूनी गिरफ़्तारी और सज़ा के ख़िलाफ़

इस्लामी गणतंत्र ईरान के मानवाधिकार मुख्यालय के प्रमुख द्वारा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त को लिखे एक पत्र में ईरानी राजनयिक की अवैध गिरफ़्तारी और मुक़दमे की आलोचना की और मांग की है कि जितनी जल्द हो सके जर्मन और बेल्जियम की सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाए।

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प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, राजनीतिक छूट होने के बावजूद ईरानी राजनायिक असदुल्लाह असदी को जुलाई 2018 में जर्मन राज्य बवेरिया में वियना में अपने निवास पर लौटते समय गिरफ़्तार किया गया था। गिरफ़्तारी के एक सौ एक दिन बाद, असदी को अक्टूबर 2018 में कार्लज़ूए में जर्मन अदालत द्वारा अवैध सज़ा के साथ बेल्जियम स्थानांतरित कर दिया था। उनके स्थानांतरण के बाद, बेल्जियन एंटवर्प आपराधिक न्यायालय ने वर्ष 1961 के वियना कन्वेंशन के राजनायिक सिद्धांतों के विपरीत ईरानी राजनायिक अब्दुल्लाह असदी को उनकी राजनयिक छूट के विपरीत अवैध रूप से 20 साल जेल की सज़ा सुना दी है। असदी इस समय बेल्जियम की जेल में में क़ैद हैं।

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मानवाधिकार मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामी गणतंत्र ईरान के मानवाधिकार मुख्यालय के सचिव काज़िम ग़रीबाबादी ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त मिशेल बाचेलेट को लिखे एक पत्र में जर्मन और बेल्जियम में असदुल्लाह असदी के साथ हुए मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि असदी ऑस्ट्रिया के वियना में मौजूद इस्लामी गणतंत्र ईरान के राजनयिकों की टीम का हिस्सा हैं।

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