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Monday, August 8, 2022

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चीन के 68 विमान और 13 युद्धपोत ताइवान के करीब से गुजरे, US को ड्रैगन ने दिखाई आंख

चीन की सेना के 68 विमान और 13 युद्धपोत शुक्रवार को ताइवान के करीब से होकर गुजरे। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने ये जानकारी दी। ताइपे की सेना ने कहा कि चीनी सेना (PLA) के 68 लड़ाकू जेट और 13 युद्धपोतों ने शुक्रवार के सैन्य अभ्यास के दौरान ताइवान जलडमरूमध्य को बांटने वाली “मध्य रेखा” को पार किया। रक्षा मंत्रालय ने अपने ताजा बयान में कहा, “(हम) कम्युनिस्ट सेना की जानबूझकर जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार करने और ताइवान के आसपास समुद्र और हवा में सैन्य अभ्यास करने की निंदा करते हैं।”

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के ताइपे दौरे से चीन भड़का हुआ है। उसने अपनी ताकत दिखाने के लिए ताइवान जलडमरूमध्य में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास में विमानवाहक पोत और परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बी तैनात की है। पेलोसी की ताइवान यात्रा पर चीन ने सख्त आपत्ति जताई थी। चीन ताइवान को अपने देश का हिस्सा मानता है। 

बड़ा संकट पैदा करने की कोशिश न करे अमेरिका- चीन

इस बीच चीन ने अमेरिका को एक बार फिर से कड़ी चेतावनी दी है। चीनी विदेश मंत्री ने पेलोसी की यात्रा को लेकर कहा कि ये बहुत शर्मनाक है कि उन्होंने ताइवान का दौरा किया। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, “अमेरिकी सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने चीन के कड़े विरोध की अवहेलना की। यह बेशर्मनाक है कि उन्होंने चीन के ताइवान क्षेत्र का दौरा किया। इसने चीन की संप्रभुता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया है।” चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को कंबोडियन राजधानी में विभिन्न आसियान बैठकों के समापन के बाद एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका एक बड़ा संकट पैदा करने की जल्दबाजी न करे। 

चीनी सैन्य अभ्यास ‘अभिप्रायपूर्ण उकसावे’ की कार्रवाई : ब्लिंकन

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने शुक्रवार को कहा कि ताइवान को लक्षित करके चीन की ओर से किया जा रहा सैन्य अभ्यास और जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में प्रक्षेपास्त्र छोड़ा जाना ‘अभिप्रायपूर्ण उकसावे’ का प्रतीक है और उन्होंने चीन से अपने कदम वापस खींचने का आग्रह किया। ब्लिंकन ने कम्बोडिया में दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संघ (आसियान) की बैठक से इतर संवाददाताओं से कहा कि पेलोसी की यात्रा शांतिपूर्ण रही और यह ताइवान को लेकर अमेरिका की नीति में परिवर्तन का परिचायक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन इसे (यात्रा को) ‘ताइवान जलडमरूमध्य के आसपास उकसावे की सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के बहाने के तौर पर ले रहा है।’

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