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Thursday, December 1, 2022

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रूस ने यूक्रेन पर दागीं 75 मिसाइलें, पुतिन के इस करीबी कमांडर ने बदला रुख; क्यों हो रही चर्चा जानें

रूस और यूक्रेन के बीच बीते 8 महीनों से युद्ध चल रहा है, लेकिन अब इसमें एक बार फिर से तेजी आ गई है। रविवार को यूक्रेन की ओर से क्रीमिया को जोड़ने वाले एक बड़े पुल को हमला कर उड़ा दिया गया था। इस हमले को रूस ने आतंकी हरकत बताया था और अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। इसके बाद रूस ने सीधे यूक्रेन की राजधानी कीव समेत लावरोव, खारकीव जैसे शहरों पर भी हमला करना शुरू कर दिया है। रूस की ओर से 75 मिसाइलें दागी गई हैं और यूक्रेन के पावर स्टेशनों को भी हमला बनाया गया है। यह हमले व्लादिमीर पुतिन के करीबी जनरल सेरगेई सुरोविकिन को यूक्रेन युद्ध का नेतृत्व सौंपे जाने के बाद तेज हुए हैं।

ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि आखिर सुरोविकिन कौन हैं और उन्हें व्लादिमीर पुतिन ने क्यों यूक्रेन युद्ध की जिम्मेदारी दी है। इससे पहले शनिवार को ही व्लादिमीर पुतिन ने दो सीनियर रूसी कमांडरों को हटा दिया था। इसके पीछे यह वजह बताई गई थी कि कई इलाकों में यूक्रेन ने आक्रामक अटैक किए हैं और रूस को बैकफुट पर आना पड़ा है। दरअसल सुरोविकिन को लेकर कहा जाता है कि वह वारफ्रंट और हवाई हमलों के माहिर हैं। इसीलिए व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें यह अहम जिम्मा दिया है। 1966 में साइबेरिया के नोवोसिबिर्स्क में जन्मे सुरोविकिन ने 2017 में सीरिया के मिशन पर बड़ा काम किया था। उन्होंने वहां रूसी सेना के हवाई हमलों के मिशन की जिम्मेदारी उठाई थी। 

दो बार जेल भी जाना पड़ा था, पुतिन के हैं करीबी

सुरोविकिन को कड़े फैसले लेने वाले मिलिट्री अफसरों में गिना जाता है। सुरोविकिन को दो बार जेल भी जाना पड़ा था। इसकी वजह यह थी कि 1991 में उनके मातहत काम करने वाले सैनिकों ने मॉस्को की सड़कों पर प्रदर्शन करने वाले तीन लोगों को गोली मार दी थी और उनकी मौत हो गई थी। इसके चलते उन्हें 6 महीने के लिए जेल जाना पड़ा था। इसके बाद उन्हें हथियारों के अवैध कारोबार को लेकर भी सजा हुई थी। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था। सीरिया के अलेप्पो शहर में भीषण बमबारी करने में उनकी ही अहम भूमिका थी। 

हवाई हमलों के एक्सपर्ट माने जाते हैं सुरोविकिन

सीरिया के राष्ट्राध्यक्ष बशर अल-असद के समर्थन में गृह युद्ध में रेस ने दखल दिया था और यह हमले किए गए थे। तब उनकी काफी चर्चा हुई थी और रूस में उन्हें सबसे बेहतर सैन्य कमांडर करार दिया गया था। हवाई हमलों के एक्सपर्ट के तौर पर पहचान रखने वाले इन्हीं सुरोविकिन को अब पुतिन ने कमान सौंपी है और तब से ही यूक्रेन पर हमले तेज हो गए हैं। 

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