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Monday, November 28, 2022

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देशद्रोह की सजा ताली बजाने पर, चीन का तानाशाही चेहरा एक बार फिर सामने आया

चीन का तानाशाही चेहरा एक बार फिर से सामने आया है। चीन के हांगकांग में एक हैरान करने वाला मामला सामना आया है। जहां, एक मामले में अदालत की सुनवाई के दौरान ताली बजाने और न्यायाधीश की आलोचना करने वाले दो लोगों को देशद्रोह का दोषी ठहराया गया है। दरअसल, तियानमेन चौक नरसंहार की बरसी बनाने पर रोक के बावजूद कार्यक्रम आयोजित करने के मामले में अदालत में सुनवाई चल रही थी। जिसमें इन दोनों ने ताली बजाई थी और न्यायाधीश की आलोचना की थी।

पादरी गैरी पांग मून युन और गृहणी चियू मेई यिंग को जनवरी में अदालत की सुनवाई को बाधित करने के मामले में अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था। जनवरी की सुनवाई के दौरान तियानमेन चौक नरसंहार की बरसी मनाने वाले समूह के नेता को दूसरे लोगों को भड़काने के मामले में सुजा सुनाई गई थी।

हांगकांग में हुए थे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

बता दें कि वर्ष 1989 में बीजिंग के चर्चित तियानमेन चौक पर प्रदर्शन कर रहे लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर चीन की साम्यवादी सरकार ने टैंक की मदद से कार्रवाई की थी जिसमें कई लोग मारे गए थे। हांगकांग में साल 2019 के दौरान बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और वर्ष 2020 में विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किए जाने के बाद राजनीतिक कार्रवाई का दौर चला है और लोकतंत्र समर्थक समूह के कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को या तो गिरफ्तार किया जा रहा है या उन्हें जेल भेजा जा रहा है। 

सरकार के असंतुष्टों के खिलाफ कार्रवाई

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अलावा बड़े पैमाने पर (चीन की केंद्रीय सरकार से) असंतुष्टों पर उपनिवेश काल के देशद्रोह कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पांग और चियू के खिलाफ अदालत की अवमानना के बजाय देशद्रोह का मुकदमा चलाया गया।

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