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Friday, January 27, 2023

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भारत के लिए पाकिस्तान से आई बुरी ख़बर, पाक नौसेना की बड़ी ताक़त ख़ैबर बन सकता है

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने शुक्रवार को तुर्की के राष्‍ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान के साथ मिलकर देश की नौसेना को तीसरा कोवर्ट युद्धपोत पीएनएस ख़ैबर सौंपा है। इस जहाज का निर्माण इस्‍तानबुल शिपयार्ड में ही हुआ है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ तुर्किए के राष्ट्रपति के आधिकारिक निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर अंकारा पहुंचे हैं। इस मौक़े पर तुर्किए ने पाकिस्तान को तीसरा कोवर्ट युद्धपोत पीएनएस ख़ैबर सौंपा है। शहबाज़ शरीफ़ ने इसे दोनों देशों के बीच मज़बूत होते आपसी रक्षा सहयोग का उदाहरण क़रार दिया है। पीएनएस खैबर MILGEM क्‍लास का तीसरा जहाज़ है जो पाकिस्‍तान को मिला है। इस घटनाक्रम पर भारत के रक्षा विशेषज्ञों की भी नज़रें हैं क्‍योंकि इस समारोह के दौरान पहले हिसार क्‍लास गश्‍ती जहाज़ टीसीजी अकहिसार का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। तुर्किए के राष्ट्रपति अर्दोग़ान ने भी तुर्किए और पाकिस्‍तान के रिश्‍तों का ज़िक्र किया और हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के बारे में बताया। अर्दोग़ान के मुताबिक़ चौथा MILGEM कोवर्ट जहाज़ फरवरी 2025 में पाकिस्‍तान की नौसेना को सौंप दिया जाएगा। ग़ौरतलब है कि अगस्‍त 2021 में पाकिस्‍तान की नौसना को पहला कोवर्ट जहाज़ पीएनएस बाबर मिला था। इसे भी तुर्किए में ही तैयार किया गया था। दूसरे जहाज़ पीएनएस बदर की नींव कराची में मई 2022 में रखी गइ थी। शहबाज़ शरीफ ने कहा कि पीएनएस ख़ैबर आक्रामकता दिखाने के लिए नहीं है बल्कि पाकिस्‍तान की रक्षा के लिए है। पाकिस्‍तान ने जुलाई 2018 में तुर्किए की रक्षा कंपनी ASFAT के साथ अदा क्‍लास के चार युद्धपोतों की ख़रीद के लिए डील साइन की थी। इस योजना के तहत जहां दो कोवर्ट जहाज़ों का निर्माण तुर्किए में होना था तो वहीं दो जहाज़ पाकिस्‍तान में निर्मित होंगे।

उल्लेखनीय है कि इस प्रोजेक्‍ट के तहत पाकिस्‍तान को जितने भी युद्धपोत मिलेंगे उन्‍हें रेकी, सर्विलांस, अर्ली वॉर्निंग सिस्‍टम, पनडुब्‍बी रोधी तंत्र, ज़मीन से ज़मीन पर और ज़मीन से हवा तक हमला करने वाली मिसाइलों के साथ ही समंदर से अलग भूमि पर मिशन को अंजाम देने वाली क्षमताओं से लैस किया जाएगा। पाकिस्‍तान ने जिस प्रोजेक्‍ट के तहत तुर्किए से हाथ मिलाया है उसमें ऐसे युद्धपोतों को तैयार किया जाएगा जिन्‍हें लंबे समय तक के लिए मिशन पर तैनात किया जा सके। बता दें कि पीएनस बाबर और पीएनएस ख़ैबर ऐसे जहाज़ हैं जो हर तरह के ऑपरेशंस को अंजाम दे सकते हैं। इनके बारे में ज़्यादा जानकारी अभी कहीं नहीं हैं लेकिन बताया जा रहा है कि यह युद्धपोत किसी भी पनडुब्‍बी की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं। पीएनएस बाबर जो क़रीब 325 फीट लंबा है और जिसका वजन 2400 टन है, वह 29 नॉटिकल मील यानी 53 किलोमीटर की स्‍पीड से समंदर पर तैर सकता है। दावा किया जा रहा है कि इसे रडार पर पकड़ना भी काफी मुश्किल होगा। साल 2019 में पाकिस्तान की नौसेना के एडमिरल अब्‍बासी ने कहा था कि पाकिस्‍तान के जहाज़ों को 16-सेल VLS से लैस किया जाएगा। माना जा रहा है कि नए जहाज़ कई तरह के हथियारों से लैस हैं। पीएनएस ख़ैबर पर 133 लोगों का क्रू क़रीब 15 दिन तक आसानी से रह सकता है। 

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