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Friday, January 27, 2023

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श्रीलंका पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर दो दिवसीय दौरे पर, ऋण पुनर्गठन को अंतिम रूप देने पर होगी चर्चा

भारतीय विदेश मंत्री मालदीव के बाद श्रीलंका  पहुंच गए हैं। कोलंबों में विदेश राज्य मंत्री तारका बालासुरिया ने उनका स्वागत किया। यहां वे द्वीप राष्ट्र के  शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस दौरान ऋण पुनर्गठन योजना को अंतिम रूप देने पर चर्चा की जाएगी। अधिकारियों ने उनके इस दौरे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एस जयशंकर गुरुवार को श्रीलंका के अपने समकक्ष अली साबरी और राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के साथ बैठक करेंगे। गौरतलब है कि श्रीलंका इस समय इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। 

ऋण पुनर्गठन वार्ता का प्रमुख विषय
विदेश मंत्री एस जयशंकर की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी वार्ता का मुख्य विषय ऋण होगा। जानकारी के मुताबिक, श्रीलंका अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ब्रिज लोन हासिल करने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए वह प्रमुख लेनदारों चीन, जापान और भारत से वित्तीय आश्वासन प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है। पिछले हफ्ते, श्रीलंका ने जापान के साथ अपनी ऋण पुनर्गठन वार्ता पूरी की। 

रानिल विक्रमसिंघे ने किया था बड़ा एलान
इससे पहले, मंगलवार को द्वीप देश के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा था कि उनकी सरकार ने भारत के साथ अपनी ऋण पुनर्गठन वार्ता को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उन्होंने संसद में कहा था कि मैं इस सभा को बता सकता हूं कि वार्ता सफल रही है। बहुत जल्द हमारे पास एक जवाब होगा।

वहीं, मंगलवार को भारत के वित्त मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रजत कुमार मिश्रा ने आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जिवा को जानकारी दी थी कि भारत ने ऋण पुनर्गठन के मुद्दे पर श्रीलंका को समर्थन देने की पुष्टि की है।

गौरतलब है कि भारत ने पिछले साल कोलंबो को लगभग 4 बिलियन अमरीकी डालर की वित्तीय सहायता दी है। जनवरी 2022 में भारत ने श्रीलंका को 900 मिलियन अमरीकी डॉलर का ऋण देने की घोषणा की थी। इसके बाद में भारत ने ईंधन खरीद के लिए श्रीलंका को 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की क्रेडिट लाइन की पेशकश की थी। इतना ही नहीं, बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत ने क्रेडिट लाइन को बाद में बढ़ाकर 700 मिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया गया।

इससे पहले, एस जयशंकर बुधवार को मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के साथ भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर हनीमाधू इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जिसके बाद भारतीय विदेश मंत्री ने हनीमाधू इंटरनेशनल एयरपोर्ट पुनर्विकास प्रोजेक्ट को भारत और मालदीव के संबंधों के लिए ऐतिहासिक पड़ाव बताया था। 

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