काबुल/नई दिल्ली | 23 फरवरी, 2026
पाकिस्तानी सेना ने रविवार की सुबह अफगानिस्तान की सीमा के भीतर कथित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए, जिसमें भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। अफगान सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 17 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग लापता बताए जा रहे हैं। पाकिस्तान ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि उसने सात आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर 70 आतंकियों को मार गिराया है। पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई हाल ही में इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में हुए आत्मघाती हमलों के जवाब में की गई थी।
भारत ने रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगान क्षेत्र पर किए गए इन हमलों की तीखी आलोचना की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि भारत निर्दोष नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की जान लेने वाली इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। भारत ने पाकिस्तान की इस हरकत को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि ‘फितना-अल-ख्वारिज’ (टीटीपी) और ‘आईएसकेपी’ जैसे आतंकी संगठन अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमले करवा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
इन हमलों के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। तालिबान सरकार ने काबुल में तैनात पाकिस्तानी राजदूत उबैद उर रहमान निजामानी को तलब कर कड़ा विरोध पत्र सौंपा है। अफगान विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए चेतावनी दी है कि वे उचित समय पर ‘जरूरी और संयमित जवाब’ देंगे। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस सैन्य कार्रवाई के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं।

