सांगली: महाराष्ट्र के सांगली जिले में मंगलवार शाम कुदरत का कहर देखने को मिला। जत तहसील के मोथेवाड़ी गांव में स्थित प्रसिद्ध मार्गूदेवी मंदिर में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण एक दीवार और टिन की छत गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
मंगलवार का दिन होने के कारण मार्गूदेवी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ थी। शाम के समय अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज तूफान के साथ मूसलाधार बारिश होने लगी। पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी के अनुसार, उस समय मंदिर परिसर में करीब 350 श्रद्धालु मौजूद थे। बारिश से बचने के लिए कई लोग परिसर की एक दीवार और टिन शेड के नीचे एकत्र हो गए। हवा के भारी दबाव के कारण दीवार और छत अचानक भरभरा कर गिर पड़ी, जिससे वहां मौजूद लोग मलबे में दब गए।
राहत और बचाव कार्य
हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय निवासियों और पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे से सुरक्षित निकाले गए 12 से 14 घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीमें घटना स्थल पर मुस्तैद हैं।
प्रधानमंत्री ने जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ‘एक्स’ पर संदेश जारी कर कहा:
“महाराष्ट्र के सांगली में दीवार गिरने से हुई जानमाल की हानि की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
प्रधानमंत्री ने मराठी भाषा में भी संदेश जारी कर स्थानीय लोगों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
सांगली जिले का यह हादसा प्राकृतिक आपदा के बीच जर्जर निर्माण और अचानक आए तूफान के घातक संयोजन का परिणाम माना जा रहा है। प्रशासन अब घटना की विस्तृत जांच में जुटा है।

