घर पर अचेत अवस्था में मिले थे अभिनेता; 45 मिनट तक दिया गया सीपीआर, पोस्टमार्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार
नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा जगत के प्रख्यात एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर को निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। उनके आकस्मिक निधन की खबर से पूरे फिल्म उद्योग और उनके करोड़ों प्रशंसकों में गहरा शोक छा गया है। जानकारी के अनुसार, मेडिकल टीम जब उनके आवास पर पहुंची तो अभिनेता अचेत अवस्था में पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मणिपाल अस्पताल से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया। अस्पताल लाते ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया, लेकिन उनके शरीर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की है कि चूंकि यह एक मेडिको-लीगल मामला है, इसलिए स्थापित कानूनी प्रोटोकॉल के तहत उनके पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा जाएगा, जिसके बाद उनके अंतिम संस्कार का समय और स्थान तय किया जाएगा। हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने सशक्त अभिनय, बेबाक संवाद अदायगी और मानवीय कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर के जाने से अभिनय जगत में एक अपूरणीय शून्य पैदा हो गया है।

