मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हालिया टिप्पणी पर सवाल उठाया कि आखिर उनका इशारा किसकी ओर था। शिंदे ने कहा था, “मुझे हल्के में न लें,” लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका निशाना किस पर था।
साहित्य सम्मेलन में अजित पवार ने जताई हैरानी
नई दिल्ली में आयोजित 98वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के समापन समारोह में बोलते हुए अजित पवार ने कहा कि वह यह समझने में असमर्थ हैं कि शिंदे की यह टिप्पणी शिवसेना (यूबीटी) के लिए थी, या किसी और के लिए।
एकनाथ शिंदे ने दी सफाई
अजित पवार के बयान के बाद जब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंच संभाला, तो उन्होंने अपनी टिप्पणी का विस्तृत संदर्भ देने से बचते हुए इतना जरूर कहा कि यह बयान “दो साल पहले हुई एक घटना” से जुड़ा था।
सियासी चर्चाएं तेज
शिंदे के इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में हाल ही में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, और ऐसे में इस बयान को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या यह भविष्य में संभावित राजनीतिक समीकरणों का संकेत है।
अब देखना होगा कि शिंदे और अजित पवार के बीच इस बयानबाजी का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या पड़ता है।

