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Thursday, May 28, 2026

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जब मंत्री पद के लिए डीके शिवकुमार ने आधी रात को जगाया था सो रहे सीएम को; ज्योतिषी की सलाह पर लिया था ‘पावर’ छीनने का फैसला

बेंगलुरु: कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) अपनी राजनीतिक चतुरता, कड़े फैसलों और लक्ष्यों को हासिल करने के अपने दृढ़ संकल्प के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस जिद्द और इच्छाशक्ति का अंदाजा उनके राजनीतिक मार्गदर्शक और कर्नाटक के दिवंगत मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा को भी एक रात बहुत अच्छी तरह हो गया था। यह किस्सा साल 1999 का है, जब डीके शिवकुमार ने मंत्रियों की सूची में अपना नाम शामिल करवाने के लिए आधी रात को सो रहे एसएम कृष्णा को जगा दिया था।

जब लिस्ट से गायब हो गया था शिवकुमार का नाम

इस अनसुने और बेहद रोचक किस्से का खुलासा खुद डीके शिवकुमार ने दिसंबर 2024 में कर्नाटक विधानसभा में एसएम कृष्णा को श्रद्धांजलि देते हुए किया था। शिवकुमार ने बताया था, “साल 1999 में मंत्रियों की अंतिम सूची उन्होंने (कृष्णा) और मैंने मिलकर तैयार की थी और उसे मंजूरी के लिए पार्टी हाईकमान को भेजा था। लेकिन जब देर रात दिल्ली से फाइनल लिस्ट वापस आई, तो उसमें से मेरा नाम गायब था।”

ज्योतिषी की वो सलाह: ‘सत्ता छीननी पड़ती है’

मंत्रिमंडल की सूची में नाम न होने से परेशान शिवकुमार ने उसी रात अपने निजी ज्योतिषी और राजगुरु बेल्लूर शंकरनारायण द्वारकानाथ से संपर्क किया। विधानसभा में उस पल को याद करते हुए शिवकुमार ने कहा था, “मेरे ज्योतिषी ने मुझसे स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक तुम खुद दरवाजा नहीं खटखटाओगे और मंत्री पद की मांग नहीं करोगे, तब तक तुम्हें कुछ नहीं मिलेगा। उन्होंने मुझसे कहा था कि सत्ता कभी थाली में परोसकर नहीं मिलती, उसे छीनना पड़ता है। मैंने उनकी बात को पत्थर की लकीर मान लिया।”

कृष्णा से कहा- ‘मेरे बिना आप शपथ नहीं ले सकते’

अगली सुबह ही राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होना तय था और मंत्रियों की आधिकारिक सूची राज्यपाल को भी भेजी जा चुकी थी। इसके बावजूद आधी रात को शिवकुमार, एसएम कृष्णा के पास पहुंचे। उन्होंने कृष्णा से दो टूक शब्दों में कह दिया कि अगर मंत्रिमंडल में उनका नाम नहीं होगा, तो वे (एसएम कृष्णा) भी मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ले पाएंगे। शिवकुमार की इस राजनीतिक जिद के आगे आलाकमान को झुकना पड़ा।

शिवकुमार ने सदन में खुले तौर पर स्वीकार किया था कि उनके पूरे राजनीतिक उभार, कठिन समय, और चुनावों में मिलने वाली जीत-हार की सटीक भविष्यवाणियों में उनके ज्योतिषी द्वारकानाथ की बहुत बड़ी और अहम भूमिका रही है। अब वही दृढ़ संकल्पी नेता कर्नाटक की कमान संभालने जा रहा है।

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