पटना: बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का गुरुवार को भव्य विस्तार हुआ। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित एक समारोह में निशांत कुमार (नीतीश कुमार के पुत्र) सहित कुल 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित एनडीए के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे।
मंत्रिमंडल का स्वरूप और प्रमुख चेहरे
शपथ लेने वाले सभी 32 विधायक राज्य में एनडीए के पांचों घटक दलों से संबंधित हैं। मंत्रिमंडल में अनुभव और नए चेहरों का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है:
- निशांत कुमार: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 45 वर्षीय बेटे निशांत कुमार का राजनीति में यह औपचारिक प्रवेश है।
- प्रमुख नाम: पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, पूर्व मंत्री श्रवण कुमार और अशोक चौधरी को भी सम्राट चौधरी की कैबिनेट में जगह दी गई है।
जेडीयू का उत्तराधिकार और भविष्य
निशांत कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को जेडीयू की भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। काफी समय से यह चर्चा का विषय था कि नीतीश कुमार के बाद पार्टी की कमान कौन संभालेगा। निशांत कुमार, जो अब तक सार्वजनिक जीवन से दूर थे, अपने पिता के मुख्यमंत्री पद से हटने और राज्यसभा जाने के बाद सक्रिय हुए हैं। उनके मंत्री बनने से यह संकेत मिलता है कि नीतीश कुमार ने पार्टी के भीतर उत्तराधिकार की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
बिहार में बीजेपी के नेतृत्व वाली पहली सरकार
यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि:
- सम्राट चौधरी बिहार में सरकार का नेतृत्व करने वाले बीजेपी के पहले नेता बने हैं।
- पिछले महीने नीतीश कुमार के राज्यसभा निर्वाचित होने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद बीजेपी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ था।
एनडीए का मजबूत गठबंधन
बिहार सरकार में एनडीए के सभी घटक दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इस गठबंधन में शामिल प्रमुख पार्टियां हैं:
- बीजेपी (सम्राट चौधरी के नेतृत्व में)
- जेडीयू (नीतीश कुमार की पार्टी)
- लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (चिराग पासवान)
- हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा-सेकुलर (जीतन राम मांझी)
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा (उपेंद्र कुशवाहा)

