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Saturday, May 23, 2026

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क्यूबा में गहराया भीषण ईंधन और बिजली संकट; अमेरिका की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति से राउल कास्त्रो की गिरफ्तारी की चर्चा तेज

वाशिंगटन/हवाना: अमेरिका की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ (अधिकतम दबाव) नीति के कारण क्यूबा इस समय अपने दशकों के सबसे बड़े आर्थिक, ईंधन और बिजली संकट से जूझ रहा है। इस नाजुक मोड़ पर अमेरिकी अधिकारियों का एक धड़ा लगातार यह मांग कर रहा है कि क्यूबा में पिछले 66 साल से जारी कम्युनिस्ट सरकार का अब अंत होना चाहिए। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर संतुलित रुख अपनाते हुए कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि ‘तनाव बढ़ाने’ की ज़रूरत पड़ेगी, लेकिन व्हाइट हाउस ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिकी तट से महज 144 किलोमीटर दूर किसी ‘बागी राष्ट्र’ को बर्दाश्त नहीं करेगा।

क्या पनामा और वेनेजुएला की तरह राउल कास्त्रो भी होंगे गिरफ्तार?

इस समय कूटनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा यह है कि क्या अमेरिका क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति और वरिष्ठ नेता राउल कास्त्रो को गिरफ्तार करने के लिए कोई गुप्त सैन्य अभियान चला सकता है। कास्त्रो पर साल 1996 में क्यूबा के लड़ाकू विमानों द्वारा दो अमेरिकी विमानों को मार गिराने समेत कई गंभीर आरोप हैं। अगर अमेरिका ऐसा कदम उठाता है, तो यह पहला मामला नहीं होगा।

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इसी साल जनवरी में अमेरिकी कमांडो ने एक बेहद त्वरित और गुप्त अभियान चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति और क्यूबा के करीबी सहयोगी निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया था। अमेरिका उन पर ड्रग तस्करी का आरोप लगाकर न्यूयॉर्क ले गया था। इससे पहले 1989 में भी ‘ऑपरेशन जस्ट कॉज़’ के तहत अमेरिका ने पनामा पर हमला कर वहां के नेता मैनुअल नोरिएगा को सत्ता से बेदखल कर गिरफ्तार किया था।

सीनेटरों की मांग और ट्रंप का रु

राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक क्यूबा में किसी सैन्य कार्रवाई की योजना की पुष्टि नहीं की है, लेकिन फ्लोरिडा के सीनेटर रीक स्कॉट समेत कई अमेरिकी सांसद खुलकर इसकी मांग कर रहे हैं। स्कॉट ने कहा, “हमें किसी भी विकल्प को खारिज नहीं करना चाहिए। जो निकोलस मादुरो के साथ हुआ, वही राउल कास्त्रो के साथ भी होना चाहिए।”

विशेषज्ञों की राय: रणनीतिक से ज्यादा प्रतीकात्मक जीत

लातिन अमेरिका मामलों के विशेषज्ञ एडम इसाकसन (वॉशिंगटन ऑफिस ऑन लैटिन अमेरिका) का मानना है कि सैन्य दृष्टिकोण से राउल कास्त्रो को बेहद कड़ी सुरक्षा और ढलती उम्र के बावजूद पकड़ना संभव है। हालांकि, उनका कहना है कि कास्त्रो की गिरफ्तारी से क्यूबा की वर्तमान सत्ता संरचना पर कोई खास रणनीतिक असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उन्होंने 2018 में ही राष्ट्रपति पद छोड़ दिया था।

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इसाकसन के अनुसार, यह कदम रणनीतिक से ज्यादा अमेरिकी घरेलू राजनीति के लिए एक बड़ी प्रतीकात्मक जीत जैसा होगा, जहाँ अमेरिका 1959 की क्यूबाई क्रांति के आखिरी बचे दिग्गजों में से एक को जेल भेजकर कास्त्रो परिवार को राजनीतिक रूप से पछाड़ना चाहता है। क्यूबा का भविष्य फिलहाल आर्थिक पतन, घरेलू अशांति या अमेरिकी हस्तक्षेप के त्रिकोण पर टिका हुआ है।

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