29 C
Mumbai
Thursday, April 18, 2024

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

अपने समक्ष लावरोव से जयशंकर ने की चर्चा, ब्राइवेंट गुजरात में रुसी प्रतिनिधित्व के आने की जताई उम्मीद

पांच दिवसीय दौर पर पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूसी एमएफए रिसेप्शन हाउस में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई । विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते काफी मजबूत, स्थिर हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम दोनों देश विशेष रणनीतिक साझेदारी पर खरे उतरे हैं। एक वर्ष में हम तकरीबन छह बार मुलाकात कर चुके हैं और मेरी और मेरे समकक्ष लावरोव की यह सातवीं मुलाकात हैं। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व लगातार एक-दूसरे के सम्पर्क में हैं। 

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जनवरी में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात बैठक में एक मजबूत रूसी भागीदारी की हमें उम्मीद हैं। हम कई क्षेत्रों के अपने द्विपक्षीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित करेंगे। वहीं इस दौरान जयशंकर ने कहा कि मॉस्को में रहना हमेशा से सुखद रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं आपसे सहमत हूं कि हमारे रिश्ते हमेशा मजबूत और स्थिर रहे हैं। 

वहीं रूस के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मॉस्को में अपने समकक्ष भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का स्वागत किया, जिसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता शुरु हुई। रूस द्वारा साझा पोस्ट के मुताबिक, दो महान देशों के बीच होने वाली बैठक में दुनिया में बदलती परिस्थितियों और मांगों पर चर्चा की जाएगी, साथ ही अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक स्थिति, संघर्ष और तनाव पर चर्चा करेंगे। 

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता पर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि आर्थिक और निवेश को गहरा करने के लिए कई समझौते हुए हैं। हमने हमारे बहुपक्षीय मदद पर ध्यान दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्य बनने को लेकर रूस समर्थन करता है। 

दोनों देशों के संबंध में प्रगाढ़ता, कई क्षेत्रों में सहयोग का वादा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस संबंध बेहद प्रगाढ़ हैं। ये रिश्ते रणनीतिक अभिसरण, भू-राजनीतिक हितों पर आधारित हैं। ब्रिक्स सहित कई अतंरराष्ट्रीय मुद्दों के संबंध में राजनीतिक सहयोग पर चर्चा करने का समय है। हमने मौजूदा दोनों देशों के तथ्य की सराहना की। भारत और रूस ने पिछले वर्ष 50 अरब डॉलर का कारोबार किया है। उम्मीद है कि अगले साल यह आंकड़ा भी हम पार कर लेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार अधिक संतुलित है, यह टिकाऊ है और यह निष्पक्ष बाजार पहुंच प्रदान करता है। साथ ही कहा कि हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत इस साल जनवरी की दूसरी छमाही में फिर से शुरू की जाएगी।

इससे पहले, भारत में रूसी दूतावास ने कहा था कि बैठक के दौरान मंत्री द्विपक्षीय सहयोग के वर्तमान और भविष्य के क्षेत्रों और कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करेंगे। बता दें जयशंकर 25-29 दिसंबर तक रूस की पांच दिवसीय यात्रा पर रविवार को मॉस्को पहुंचे। मॉस्को पहुंचने के बाद जयशंकर ने कहा कि वह रूस में अपने कार्यक्रमों को लेकर उत्सुक हैं।

Latest news

ना ही पक्ष ना ही विपक्ष, जनता के सवाल सबके समक्ष

spot_img
Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Translate »