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Tuesday, April 16, 2024

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‘इस्राइल निर्मित बंकर अल-शिफा के नीचे, जानकारी पहले से ही थी’; युद्ध के बीच पूर्व PM एहुद बराक का दावा

हमास के साथ 47 दिनों से जारी हिंसक संघर्ष के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी है। हमास ने कहा है कि वह 50 बंधकों को रिहा करेगा। बदले में इस्राइल भी 100 से अधिक बंधकों को रिहा करने को राजी है। इस घटनाक्रम के बीच इस्राइल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा, यह बात पहले से ही पता है कि गाजा में अल-शिफा अस्पताल के नीचे बंकर बनाए गए हैं। एहुद का कहना है कि इनका निर्माण इस्राइल ने खुद कराया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री बराक ने कहा, पिछले कई वर्षों से यह बात पता है कि अल शिफा के नीचे मूल रूप से इस्राइली निर्माण कंपनियों की तरफ से बनाए गए बंकर हैं। पूर्व प्रधानमंत्री बराक का बयान इसलिए अहम है क्योंकि पिछले हफ्ते आई खबरों में इस्राइली सुरक्षाबलों (IDF) ने कहा था कि उन्हें 55 मीटर लंबी “आतंकवादी सुरंग” मिली है। IDF के अनुसार हमास इसे कमांड चौकी के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था। इस्राइली सुरक्षाबलों का दावा है कि सुरंग में सौर पैनल की मदद से बिजली का इंतजाम भी किया गया है। 

बंकरों को हमास की हमास कमांड चौकी के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर पूर्व पीएम बराक ने कहा, कई सुरंगों के जंक्शन पर बने बंकर इस्राइल की तरफ से बनाई गई पूरी प्रणाली का हिस्सा थे। मुझे नहीं पता कि जिस बंकर की बात IDF कर रहा है, वह हमास के लिए किस हद तक ‘प्रमुख कमांड चौकी’ है। उन्होंने कहा कि शायद बंकर केवल कमांड चौकी नहीं है। अन्य अस्पतालों या संवेदनशील जगहों पर भी बंकर बनाए गए हैं। निश्चित रूप से इसका उपयोग हमास के आतंकियों की तरफ से किया गया।

बता दें कि हमास के साथ जारी युद्ध के बीच गाजा में कार्रवाई कर रही इस्राइली सेना ने मस्जिद में हथियार बरामद होने के साथ-साथ रॉकेट लैब होने का दावा किया है। वीडियो के आधार पर गाजा के आतंकी ठिकानों का जिक्र हो रहा है। अब पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक का बयान सुर्खियां बटोर रहा है। सोमवार को सीएनएन के इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि गाजा के युद्धग्रस्त अल शिफा अस्पताल के नीचे इस्राइल ने कुछ बंकर बनवाए हैं।

बराक के मुताबिक जिन भूमिगत जगहों की बातें हो रही हैं इनका निर्माण इस्राइल ने “कई दशकों पहले” कराया था। शायद उस समय के आसपास जब इस्राइल ने गाजा पर कब्जा कर लिया था। इन बंकरों का मकसद “अस्पताल के संचालन के लिए अधिक सक्षम जगह बनाना है।” उन्होंने साफ किया कि कई दशक पहले गाजा और अल-शिफा अस्पताल के आस-पास वाले इलाके पर इस्राइल का नियंत्रण था। चार दशक पहले इस्राइल इस जगह को चला रहा था। इस्राइल ने अस्पताल की सेवाओं को निर्बाध रखने और अधिक जगह का बंदोबस्त करने के मकसद से इन बंकरों को बनवाया। इस्राइल ने अस्पताल परिसर के सीमित आकार के भीतर बंकर बनाने में उनकी मदद की।”

गौरतलब है कि 14 साल पहले, साल 2009 में, इस्राइली समाचार आउटलेट हारेत्ज़ ने कहा था कि 1980 के दशक में इस्राइल ने अल शिफ़ा अस्पताल का विस्तार किया था। इसे 1960 के दशक के अंत में बनाया गया था। इस समय गाजा मिस्र के शासन के अधीन था। परिसर में एक “बड़ा सीमेंट बेसमेंट भी शामिल था। इसमें अस्पताल के कपड़े धोने और विभिन्न प्रशासनिक सुविधाएं थीं। पूर्व प्रधानमंत्री बराक के मुताबिक इस्राइली निर्माण में बदलाव आया है। उन्होंने कहा, हमास ने काफी विस्तार किया है और इसे अन्य सुरंगों और बंकरों से जोड़ा है।

बराक ने इस बात पर भी जोर दिया कि अस्पताल पर हमला करने के दौरान इस्राइल ने “सतर्क” दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने कहा, पहले इस्राइली टैंकों ने अस्पताल को चारो तरफ से घेर लिया था। यहां भोजन, ईंधन, पानी और दवाओं की कमी की खबरें आ रही थीं। इस्राइली सेना के हमले से पहले अस्पताल के नीचे बने बंकरों में हमास के गुर्गों को आतंकी निशान निशान मिटाने का काफी समय मिला। उन्होंने कहा, इस्राइली सेना ने पहले कई दिनों तक चेतावनी दी। डॉक्टरों और मरीजों की जान बचाने के मद्देनजर  सैन्य कार्रवाई बहुत सावधानी से की गई। इतने समय में बंकर के सक्रिय होने के सबूत मिटाने में मदद मिली। पूर्व प्रधानमंत्री के मुताबिक इस्राइल को भरोसा है कि हमास की गतिविधियों के लिए कमांड चौकी के रूप में वर्षों से इसका उपयोग किया जा रहा था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री बराक ने कहा, पिछले कई वर्षों से यह बात पता है कि अल शिफा के नीचे मूल रूप से इस्राइली निर्माण कंपनियों की तरफ से बनाए गए बंकर हैं। पूर्व प्रधानमंत्री बराक का बयान इसलिए अहम है क्योंकि पिछले हफ्ते आई खबरों में इस्राइली सुरक्षाबलों (IDF) ने कहा था कि उन्हें 55 मीटर लंबी “आतंकवादी सुरंग” मिली है। IDF के अनुसार हमास इसे कमांड चौकी के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था। इस्राइली सुरक्षाबलों का दावा है कि सुरंग में सौर पैनल की मदद से बिजली का इंतजाम भी किया गया है। 

बंकरों को हमास की हमास कमांड चौकी के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर पूर्व पीएम बराक ने कहा, कई सुरंगों के जंक्शन पर बने बंकर इस्राइल की तरफ से बनाई गई पूरी प्रणाली का हिस्सा थे। मुझे नहीं पता कि जिस बंकर की बात IDF कर रहा है, वह हमास के लिए किस हद तक ‘प्रमुख कमांड चौकी’ है। उन्होंने कहा कि शायद बंकर केवल कमांड चौकी नहीं है। अन्य अस्पतालों या संवेदनशील जगहों पर भी बंकर बनाए गए हैं। निश्चित रूप से इसका उपयोग हमास के आतंकियों की तरफ से किया गया।

बता दें कि हमास के साथ जारी युद्ध के बीच गाजा में कार्रवाई कर रही इस्राइली सेना ने मस्जिद में हथियार बरामद होने के साथ-साथ रॉकेट लैब होने का दावा किया है। वीडियो के आधार पर गाजा के आतंकी ठिकानों का जिक्र हो रहा है। अब पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक का बयान सुर्खियां बटोर रहा है। सोमवार को सीएनएन के इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि गाजा के युद्धग्रस्त अल शिफा अस्पताल के नीचे इस्राइल ने कुछ बंकर बनवाए हैं।

बराक के मुताबिक जिन भूमिगत जगहों की बातें हो रही हैं इनका निर्माण इस्राइल ने “कई दशकों पहले” कराया था। शायद उस समय के आसपास जब इस्राइल ने गाजा पर कब्जा कर लिया था। इन बंकरों का मकसद “अस्पताल के संचालन के लिए अधिक सक्षम जगह बनाना है।” उन्होंने साफ किया कि कई दशक पहले गाजा और अल-शिफा अस्पताल के आस-पास वाले इलाके पर इस्राइल का नियंत्रण था। चार दशक पहले इस्राइल इस जगह को चला रहा था। इस्राइल ने अस्पताल की सेवाओं को निर्बाध रखने और अधिक जगह का बंदोबस्त करने के मकसद से इन बंकरों को बनवाया। इस्राइल ने अस्पताल परिसर के सीमित आकार के भीतर बंकर बनाने में उनकी मदद की।”

गौरतलब है कि 14 साल पहले, साल 2009 में, इस्राइली समाचार आउटलेट हारेत्ज़ ने कहा था कि 1980 के दशक में इस्राइल ने अल शिफ़ा अस्पताल का विस्तार किया था। इसे 1960 के दशक के अंत में बनाया गया था। इस समय गाजा मिस्र के शासन के अधीन था। परिसर में एक “बड़ा सीमेंट बेसमेंट भी शामिल था। इसमें अस्पताल के कपड़े धोने और विभिन्न प्रशासनिक सुविधाएं थीं। पूर्व प्रधानमंत्री बराक के मुताबिक इस्राइली निर्माण में बदलाव आया है। उन्होंने कहा, हमास ने काफी विस्तार किया है और इसे अन्य सुरंगों और बंकरों से जोड़ा है।

बराक ने इस बात पर भी जोर दिया कि अस्पताल पर हमला करने के दौरान इस्राइल ने “सतर्क” दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने कहा, पहले इस्राइली टैंकों ने अस्पताल को चारो तरफ से घेर लिया था। यहां भोजन, ईंधन, पानी और दवाओं की कमी की खबरें आ रही थीं। इस्राइली सेना के हमले से पहले अस्पताल के नीचे बने बंकरों में हमास के गुर्गों को आतंकी निशान निशान मिटाने का काफी समय मिला। उन्होंने कहा, इस्राइली सेना ने पहले कई दिनों तक चेतावनी दी। डॉक्टरों और मरीजों की जान बचाने के मद्देनजर  सैन्य कार्रवाई बहुत सावधानी से की गई। इतने समय में बंकर के सक्रिय होने के सबूत मिटाने में मदद मिली। पूर्व प्रधानमंत्री के मुताबिक इस्राइल को भरोसा है कि हमास की गतिविधियों के लिए कमांड चौकी के रूप में वर्षों से इसका उपयोग किया जा रहा था।

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