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Saturday, May 18, 2024

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गाजा में भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी की हत्या पर संयुक्त राष्ट्र ने जताया दुख, इस्राइल पर लगे आरोप

संयुक्त राष्ट्र ने गाजा में भारतीय सेना के एक पूर्व अधिकारी की हत्या पर दुख जताया और भारत से माफी मांगी। दरअसल भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी युद्धग्रस्त गाजा के राफा में सोमवार सुबह एक गाड़ी में सफर कर रहे थे, तभी उनकी गाड़ी पर पीछे से हमला हुआ, जिसमें पूर्व सैन्य अधिकारी की मौत हो गई। राफा में मारे गए कर्नल वैभव अनिल काले (46 वर्षीय) ने साल 2022 में सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी और फिलहाल वे संयुक्त राष्ट्र के डिपार्टमेंट ऑफ सेफ्टी एंड सिक्योरिटी के साथ सुरक्षा समन्वय अधिकारी के रूप में काम कर रहे थे। 

मी़डिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काले भारतीय सेना में 11 जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स की कमान संभाल चुके हैं। इस्राइल हमास युद्ध शुरू होने के बाद से यह संयुक्त राष्ट्र से जुड़े पहले अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी की मौत का मामला है। हमले में जॉर्डन की एक महिला भी घायल हुई हैं, जो कि काले के साथ संयुक्त राष्ट्र के डिपार्टमेंट ऑफ सेफ्टी एंड सिक्योरिटी के साथ काम कर रही थीं। संयुक्त राष्ट्र का स्टाफ यूएन का चिन्ह लगी गाड़ी से राफा के यूरोपीय अस्पताल जा रहा था, उसी दौरान उनकी गाड़ी पर हमला हुआ। 

इस्राइली सेना पर लगे हमले के आरोप
माना जा रहा है कि यह हमला इस्राइली सेना के टैंक ने किया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने भी वैभव अनिल काले की मौत पर दुख जताया और भारत के योगदान की तारीफ की। हक ने बताया कि घटना की जांच के लिए एक पैनल का गठन किया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह इस्राइली सेना की ओर से किया गया हमला हो सकता है। गाजा में अभी यूएन से जुड़े 71 अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी काम कर रहे हैं। हक ने कहा कि हमला टैंक से किया गया और राफा में अभी टैंक सिर्फ इस्राइली सेना के पास ही हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस्राइली सेना ने ही संयुक्त राष्ट्र के वाहन पर हमला किया। गाजा में अब तक संयुक्त राष्ट्र के 190 से ज्यादा कर्मचारी मारे जा चुके हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी की मौत का यह पहला मामला है।

कर्नल वैभव अनिल काले की मौत पर भारत ने भी दुख जताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में हमारे स्थायी मिशन के साथ ही, तेल अवीव और रामल्लाह में मौजूद मिशन ने भी काले के पार्थिव शरीर को वापस भारत लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। मंत्रालय ने कहा कि ‘कर्नल वैभव अनिल काले की मौत से हम बेहद दुखी हैं। हम उनके परिवार और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।’

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