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Sunday, March 3, 2024

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चेतावनी जारी सिंगापुर में रहने वाले विदेशियों के लिए; खास निर्देश दिए इस्राइल-हमास संघर्ष को लेकर

इस्राइल और हमास के बीच तीन सप्ताह से जंग  जारी है। इस्राइल ने हमास के कब्जे से अपने बंधकों को छुड़ाने के लिए गाजा में हमले तेज कर दिए हैं। इस बीच, सिंगापुर में सरकार ने देश में रहने वाले विदेशियों के लिए चेतावनी जारी की है। सिंगापुर के जनशक्ति मंत्रालय (एमओएम) ने कहा है कि देश में रहने और काम करने वाले विदेशी अपने राजनीतिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए उसका मंच के रूप में उपयोग न करें।

जनशक्ति मंत्रालय (एमओएम) ने ये चेतावनी एक फेसबुक पोस्ट के जरिए दी। इसमें मंत्रालय ने लिखा, ‘इस्राइल और हमास के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि हम शांत रहें और इन बाहरी घटनाओं से सिंगापुर में नस्लीय और धार्मिक सद्भाव और शांति को प्रभावित न होने दें।’

सिंगापुर में विदेशियों को बैनर, झंडे और पोस्टर जैसी सामग्रियों के सार्वजनिक प्रदर्शन सहित किसी भी तरह से विदेशी राजनीति का समर्थन नहीं करने के लिए भी कहा गया है। उनसे यह भी कहा गया है कि वे व्यक्तिगत या ऑनलाइन रूप से ऐसी कोई भी पोस्ट या बयान न दें जो भावनाएं भड़का सकती हो जिसके परिणामस्वरूप हिंसा हो सकती है। ऐसा करना सिंगापुर के कानून के तहत अपराध और दंडनीय है। ऐसे अपराधियों को सिंगापुर में काम करने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

इसके साथ ही सिंगापुर सरकार ने गाजा में संघर्ष पीड़ितों की मदद के लिए दान देने वालों को भी सलाह दी है। सरकार ने कहा है कि ऐसे लोग जो संघर्ष पीड़ितों की मदद करना चाहते हैं वे सिंगापुर रेड क्रॉस या रहमतान लिल अलामिन फाउंडेशन जैसे आधिकारिक चैनलों का ही उपयोग करें। बता दें कि इससे पहले, सिंगापुर सरकार ने अक्तूबर में गाजा पट्टी के फिलिस्तीनी क्षेत्र में पीड़ितों के लिए सिंगापुर रेड क्रॉस के जरिए राहत कार्यों के लिए 219,073 अमेरिकी डॉलर देने की घोषणा की थी। 

जनशक्ति मंत्रालय, गृह मंत्रालय और आंतरिक सुरक्षा विभाग ने इस बाबत एक एक संयुक्त सलाह भी दी है। इसमें कहा गया है कि उग्रवाद, हिंसा और आतंकवाद के खिलाफ सिंगापुर ने शून्य-सहिष्णुता वाला द्रष्टिकोण अपना रखा है। हम आगे भी इसी पर कायम रहेंगे। 

सिख प्रतिनिधिमंडल ने फलस्तीनी राजदूत से की मुलाकात
इस बीच, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को भारत में फलस्तीनी राजदूत अदनान अबू अल-हिजा से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने इस्राइल-हमास संघर्ष से प्रभावित लोगों को मदद की पेशकश की।

मुलाकात के बाद मंजीत सिंह जीके ने कहा कि हमारा समुदाय हमेशा शांति और सद्भाव की वकालत करता है। हम उन लोगों की मदद करना चाहते हैं जो इस्राइल-हमास युद्ध से प्रभावित हैं। मनजीत सिंह जीके ने आगे कहा कि जिसे भी मदद की जरूरत है, चाहे वह इस्राइल  हो या फलस्तीन हम सभी को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं।

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