देश में 56% वाहन बिना बीमा के; टोल प्लाजा पर ANPR कैमरों से कटेंगे ऑटोमैटिक ई-चालान
नई दिल्ली:
सड़कों पर बिना वैध ‘थर्ड पार्टी’ (Third-Party) बीमा के चल रहे करोड़ों वाहनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने चिंता जताते हुए कहा कि वैधानिक ढांचा होने के बावजूद मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का जमीनी स्तर पर सही से अनुपालन नहीं हो रहा है, जिससे दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पाता।
न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने केंद्र सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय बीमा विनियामक एवं अधिकार प्राधिकरण (IRDAI) को कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
फैसले के प्रमुख बिंदु और बड़े बदलाव
| विषय | सुप्रीम कोर्ट के मुख्य निर्देश / बदलाव |
| पेट्रोल पंपों पर ईंधन पर रोक (पायलट प्रोजेक्ट) | बिना वैध थर्ड पार्टी बीमा वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन न देने की व्यवस्था के लिए पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश। |
| नए वाहनों के लिए बीमा अवधि में वृद्धि | नए 4-पहिया वाहनों के लिए अनिवार्य थर्ड पार्टी बीमा अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 4 वर्ष और 2-पहिया वाहनों के लिए 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष की गई। |
| टोल प्लाजा पर ANPR कैमरे | स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरों को ‘वाहन’ पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे बिना बीमा वाले वाहनों का स्वतः ई-चालान कटेगा। |
| पुलिस के लिए हैंडहेल्ड डिवाइस | राज्य पुलिस को रियल-टाइम में वाहन बीमा चेक करने के लिए बीमा सूचना ब्यूरो (IIB) और ‘वाहन’ डेटाबेस से जुड़े हैंडहेल्ड उपकरण व ऐप देने के निर्देश। |
देश में 16.54 करोड़ वाहन बिना बीमा के दौड़ रहे
अदालत ने वित्त संबंधी स्थायी समिति (2024-25) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा:
- चौंकाने वाले आंकड़े: देश में कुल 30.48 करोड़ पंजीकृत वाहनों में से 16.54 करोड़ (लगभग 56%) वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर चल रहे हैं।
- पीड़ितों पर प्रभाव: बीमा न होने से सड़क दुर्घटना के शिकार पीड़ितों और उनके परिजनों को उचित मुआवजा पाने के लिए लंबी और कठिन कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है।
दोहरे लाभ और बीमा विकल्पों का निर्देश
पीठ ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंपों पर बीमा की जांच की तकनीक लागू होने से बिना पंजीकरण या बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान तुरंत हो सकेगी, जिससे लोग समय पर बीमा कराने के लिए प्रेरित होंगे।
इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने इरडा (IRDAI) को निर्देश दिया कि वह वाहन मालिकों के लिए न्यूनतम अनिवार्य थर्ड पार्टी कवर के साथ-साथ ऐड-ऑन (Add-on), व्यक्तिगत दुर्घटना कवर (Personal Accident Cover) और ओन-डैमेज (Own Damage) जैसे पारदर्शी विकल्प भी आसान दरों पर उपलब्ध कराए।

