कांग्रेस के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज हुआ समन्वय समिति का आंदोलन; युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का लगाया आरोप
नई दिल्ली: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और व्यापक प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ प्रतियोगी छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुलकर परीक्षार्थियों के समर्थन में सामने आ गए हैं। शनिवार को उन्होंने एमपीएससी की कार्यप्रणाली के विरोध में सड़कों पर उतरे हजारों युवाओं के संघर्ष को ऐतिहासिक ‘सत्याग्रह’ की संज्ञा दी। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे लगातार खिलवाड़ के खिलाफ यह आंदोलन व्यवस्था को जगाने का एक सशक्त लोकतांत्रिक माध्यम बन चुका है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति ने आयोग के खिलाफ चल रहे अपने चरणबद्ध आंदोलन को कांग्रेस पार्टी के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर औपचारिक रूप से ‘सत्याग्रह’ के रूप में पंजीकृत कराया है। उन्होंने कहा कि देश भर में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही धांधली, पर्चा लीक और विलंब की समस्या अब छात्रों के लिए असहनीय हो चुकी है। यह केवल एक राज्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों होनहार युवाओं के परिश्रम, समय और अधिकारों के साथ किया जा रहा सीधा अन्याय है।
राहुल गांधी ने राज्य सरकार और भर्ती एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के युवाओं की समस्याओं का त्वरित समाधान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही प्रशासनिक खामियों और पेपर लीक के मामलों ने सरकारी संस्थाओं की साख को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। नेता प्रतिपक्ष ने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के इस लोकतांत्रिक संघर्ष में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और सुधार सुनिश्चित कराने के लिए इस लड़ाई को आगे बढ़ाया जाएगा।

