एकतरफा प्रतिबंधों के खिलाफ ब्रिक्स से ठोस कदम उठाने की अपील, कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज
नई दिल्ली: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कूटनीतिक मोर्चे पर एक बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का प्रतिनिधित्व कर रहे क्राउन प्रिंस के साथ यह उच्चस्तरीय संवाद ऐसे समय हुआ है, जब पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक तनाव बना हुआ है।
राजनयिक स्तर पर मानी जा रही अहम पहल अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विश्लेषक नई दिल्ली में हुई इस प्रत्यक्ष बैठक को क्षेत्रीय शांति और तनाव कम करने की दिशा में एक प्रभावी कूटनीतिक पहल के रूप में देख रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच आपसी संबंधों की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को लेकर सार्थक चर्चा हुई, जिसे आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया में संवाद के नए रास्ते खोलने वाला कदम माना जा रहा है।
प्रतिबंधों के खिलाफ ब्रिक्स से एकजुटता का आह्वान शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पश्चिमी देशों द्वारा थोपे जा रहे एकतरफा और अमानवीय आर्थिक प्रतिबंधों का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे इन प्रतिबंधों का सामूहिक व व्यावहारिक तरीके से मुकाबला करने के लिए ठोस तंत्र विकसित करें। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ब्रिक्स मंच को वैश्विक मंच पर न्याय और निष्पक्षता की मुखर आवाज बनना चाहिए, ताकि विकासशील और संप्रभु राष्ट्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

